Correct Answer:
Option B - मानसूनी पवनें, ग्रहीय पवनों के लिए अवरोध मानी जाती है क्योंकि मानसूनी पवन ग्रहीय पवन के भागों को अतिक्रमण (मार्ग) करती है जिससे हवायें विच्छेपित होती है। अश्व अक्षांश, गरजती चालीसा, चीखता सठा ये सभी ग्रहीय पवनें है जो दक्षिणी गोलाद्र्ध में तीव्र पवन के रूप में जानी जाती है।
B. मानसूनी पवनें, ग्रहीय पवनों के लिए अवरोध मानी जाती है क्योंकि मानसूनी पवन ग्रहीय पवन के भागों को अतिक्रमण (मार्ग) करती है जिससे हवायें विच्छेपित होती है। अश्व अक्षांश, गरजती चालीसा, चीखता सठा ये सभी ग्रहीय पवनें है जो दक्षिणी गोलाद्र्ध में तीव्र पवन के रूप में जानी जाती है।