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Q: Species of cyanobacteria responsible for red colour of red sea is लाल समुद्र के लाल रंग के लिए कौन सा सायनोबैक्टीरिया के स्पिसीस कारण है?
  • A. Chlococcus/क्लोकोकस
  • B. Lynglotya/लिंग्लोया
  • C. Trichodesmium erythracum/ट्राइकोडेस्म्यिम एरिथ्राकम
  • D. Nostoc/नोस्टॉक
Correct Answer: Option C - साइनोबैक्टीरिया एक प्रकार के जीवाणु होते है। यह प्राय: सामान्य जल, समुद्री जल, नम चट्टान, मिट्टी आदि स्थानो पर पाये जाते है। इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है। लाल सागर में ट्राइकोडेस्मियम एरीथ्रियम नामक सायनोबैक्टीरिया प्रचुर मात्रा में पाये जाते है। जिसके कारण इस सागर का रंग लाल होता है।
C. साइनोबैक्टीरिया एक प्रकार के जीवाणु होते है। यह प्राय: सामान्य जल, समुद्री जल, नम चट्टान, मिट्टी आदि स्थानो पर पाये जाते है। इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है। लाल सागर में ट्राइकोडेस्मियम एरीथ्रियम नामक सायनोबैक्टीरिया प्रचुर मात्रा में पाये जाते है। जिसके कारण इस सागर का रंग लाल होता है।

Explanations:

साइनोबैक्टीरिया एक प्रकार के जीवाणु होते है। यह प्राय: सामान्य जल, समुद्री जल, नम चट्टान, मिट्टी आदि स्थानो पर पाये जाते है। इनमें क्लोरोफिल पाया जाता है। लाल सागर में ट्राइकोडेस्मियम एरीथ्रियम नामक सायनोबैक्टीरिया प्रचुर मात्रा में पाये जाते है। जिसके कारण इस सागर का रंग लाल होता है।