Correct Answer:
Option D - बजट पास करने की प्रक्रिया बजट पेश किए जाने से लेकर इस पर चर्चा करने और अनुदानों की माँगें स्वीकृत करने और विनियोग तथा वित्त विधेयकों के पास होने तक सामान्यत: चालू वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होने के बाद तक भी चलती रहती है। जब तक संसद माँगें स्वीकृत नहीं कर लेती है तब तक के लिए यह आवश्यक है कि देश का प्रशासन चलाने के लिए सरकार के पास पर्याप्त धन उपलब्ध हो। इसलिए लेखानुदान के लिए विशेष उपबंध किया गया है। जिसके द्वारा लोकसभा को शक्ति दी गई है कि वह बजट की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी वित्तीय वर्ष के एक भाग के लिए पेशगी अनुदान दे सकती है। अत: विकल्प (d) सुमेलित नहीं है।
D. बजट पास करने की प्रक्रिया बजट पेश किए जाने से लेकर इस पर चर्चा करने और अनुदानों की माँगें स्वीकृत करने और विनियोग तथा वित्त विधेयकों के पास होने तक सामान्यत: चालू वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होने के बाद तक भी चलती रहती है। जब तक संसद माँगें स्वीकृत नहीं कर लेती है तब तक के लिए यह आवश्यक है कि देश का प्रशासन चलाने के लिए सरकार के पास पर्याप्त धन उपलब्ध हो। इसलिए लेखानुदान के लिए विशेष उपबंध किया गया है। जिसके द्वारा लोकसभा को शक्ति दी गई है कि वह बजट की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी वित्तीय वर्ष के एक भाग के लिए पेशगी अनुदान दे सकती है। अत: विकल्प (d) सुमेलित नहीं है।