Explanations:
पूंजीगत प्राप्तियाँ दो प्रकार की होती हैं– (i) ऐसी प्राप्तियां जो केन्द्र सरकार के दायित्व या ऋण में वृद्धि लाती हैं। (ii) ऐसी प्राप्तियाँ जो केन्द्र सरकार की सम्पत्तियों में कमी लाती हैं अर्थात् जो केन्द्र सरकार द्वारा सम्पत्तियों को बेचने से प्राप्त होती हैं जैसे- विनिवेश से प्राप्ति, ऋण की वापसी, जनता से सरकार की उधारियां, सरकारी बजट में पूँजी प्राप्ति में दिखाई जाती है।