Correct Answer:
Option D - संख्या-पूर्व अवधारणा :-
गिनती सिखाने से पहले वस्तुओ को वर्गों में बाँटना जैसे- लड़को और लड़कियों को अलग-अलग ग्रुप में बाँटना। और वस्तुओं को क्रम में रखना जैसे- बड़ा, छोटा, उससे छोटा। तथा वस्तुओं को एक-एक की संगति रूप से जमाना जैसे- पहले नीला वस्तु, पीला वस्तु, हरा वस्तु, आदि को रखना। कुछ हद तक बच्चे को आना चाहिए। इसलिए इन क्षमताओं को संख्या- पूर्व अवधारणा कहा जाता है। इसका अर्थ है कि संख्या का अर्थ समझने से पहले बच्चों को ये क्षमताए विकसित करनी होगी।
संख्या पूर्व अवधारणा से पहले → संख्या का मिलान संख्या का पदानुक्रमित समावेशन, संख्या को क्रमबद्ध लगाना आदि शामिल है। जब कि सन्निकटन संख्या पूर्व अवधारणा में शामिल नहीं है।
D. संख्या-पूर्व अवधारणा :-
गिनती सिखाने से पहले वस्तुओ को वर्गों में बाँटना जैसे- लड़को और लड़कियों को अलग-अलग ग्रुप में बाँटना। और वस्तुओं को क्रम में रखना जैसे- बड़ा, छोटा, उससे छोटा। तथा वस्तुओं को एक-एक की संगति रूप से जमाना जैसे- पहले नीला वस्तु, पीला वस्तु, हरा वस्तु, आदि को रखना। कुछ हद तक बच्चे को आना चाहिए। इसलिए इन क्षमताओं को संख्या- पूर्व अवधारणा कहा जाता है। इसका अर्थ है कि संख्या का अर्थ समझने से पहले बच्चों को ये क्षमताए विकसित करनी होगी।
संख्या पूर्व अवधारणा से पहले → संख्या का मिलान संख्या का पदानुक्रमित समावेशन, संख्या को क्रमबद्ध लगाना आदि शामिल है। जब कि सन्निकटन संख्या पूर्व अवधारणा में शामिल नहीं है।