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Q: निम्नलिखित में से कौन सा नृत्य उत्तर प्रदेश की शास्त्रीय नृत्य शैली है?
  • A. भरतनाट्यम
  • B. ओडिसी
  • C. कथक
  • D. कुचिपुड़ी
Correct Answer: Option C - कथक नृत्य उत्तर प्रदेश की शास्त्रीय नृत्य शैली है और यह भारत के प्राचीन शास्त्रीय नृत्यों के आठ रूपों में से एक है। कथक शब्द का उद्भव कथा शब्द से हुआ है जिसका शाब्दिक अर्थ है ‘कथा कहना’। पंद्रहवीं और सोलहवीं शताब्दी में भक्ति आंदोलन के प्रसार के साथ कथक नृत्य एक विशिष्ट विधा के रूप में हुआ। शास्त्रीय नृत्य - राज्य (i) ओडि़सी - ओडिशा (ii) कुचिपुड़ी - आंध्रप्रदेश (iii) भरतनाट्यम - तमिलनाडु (iv) कथकली - केरल (v) मणिपुरी - मणिपुर (vi) मोहिनीअट्टम - केरल (vii) सत्रिया - असम
C. कथक नृत्य उत्तर प्रदेश की शास्त्रीय नृत्य शैली है और यह भारत के प्राचीन शास्त्रीय नृत्यों के आठ रूपों में से एक है। कथक शब्द का उद्भव कथा शब्द से हुआ है जिसका शाब्दिक अर्थ है ‘कथा कहना’। पंद्रहवीं और सोलहवीं शताब्दी में भक्ति आंदोलन के प्रसार के साथ कथक नृत्य एक विशिष्ट विधा के रूप में हुआ। शास्त्रीय नृत्य - राज्य (i) ओडि़सी - ओडिशा (ii) कुचिपुड़ी - आंध्रप्रदेश (iii) भरतनाट्यम - तमिलनाडु (iv) कथकली - केरल (v) मणिपुरी - मणिपुर (vi) मोहिनीअट्टम - केरल (vii) सत्रिया - असम

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कथक नृत्य उत्तर प्रदेश की शास्त्रीय नृत्य शैली है और यह भारत के प्राचीन शास्त्रीय नृत्यों के आठ रूपों में से एक है। कथक शब्द का उद्भव कथा शब्द से हुआ है जिसका शाब्दिक अर्थ है ‘कथा कहना’। पंद्रहवीं और सोलहवीं शताब्दी में भक्ति आंदोलन के प्रसार के साथ कथक नृत्य एक विशिष्ट विधा के रूप में हुआ। शास्त्रीय नृत्य - राज्य (i) ओडि़सी - ओडिशा (ii) कुचिपुड़ी - आंध्रप्रदेश (iii) भरतनाट्यम - तमिलनाडु (iv) कथकली - केरल (v) मणिपुरी - मणिपुर (vi) मोहिनीअट्टम - केरल (vii) सत्रिया - असम