Explanations:
निम्नलिखित में से ‘पुतलिपा’ सिद्ध परम्परा के अंतर्गत 78 वें सिद्ध थे जो कि योगी थे। शेष विकल्पों में प्रयुक्त मणिभद्रपा, कनखलापा एवं लक्ष्मीकरा सिद्ध योगिनियों के नाम हैं। सिद्ध साहित्य का समय 8वीं से 13वीं शताब्दी तक माना जाता है। इनका सम्बन्ध बौद्ध धर्म की वङ्कायानी शाखा से माना जाता है।