Correct Answer:
Option D - विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सन्दर्भ में-
श्रवण हानि:- श्रवण दोष बाधित बालक को सुनने की अक्षमता दोष से दर्शाया जाता है। अर्थात् श्रवण दोष से तात्पर्य सुनने की अक्षमता है। इसमें एक व्यक्ति में दूसरों की बात और वातावरण की अन्य ध्वनियों को सुनने में कठिनाई उत्पन्न होती हैं।
बहरापन:- कान के माध्यम से संवादी भाषण में भेदभाव करने में अत्यधिक अक्षमता को बहरापन कहा जायेगा। जो एक प्रकार का विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दोषों के अन्तर्गत आता है।
D. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सन्दर्भ में-
श्रवण हानि:- श्रवण दोष बाधित बालक को सुनने की अक्षमता दोष से दर्शाया जाता है। अर्थात् श्रवण दोष से तात्पर्य सुनने की अक्षमता है। इसमें एक व्यक्ति में दूसरों की बात और वातावरण की अन्य ध्वनियों को सुनने में कठिनाई उत्पन्न होती हैं।
बहरापन:- कान के माध्यम से संवादी भाषण में भेदभाव करने में अत्यधिक अक्षमता को बहरापन कहा जायेगा। जो एक प्रकार का विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दोषों के अन्तर्गत आता है।