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Q: निम्नलिखित में से कौन-से कथन, भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के बारे में सही हैं? 1. वह अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होता है। 2. उसका निर्वाचन सभी निर्वाचित संसद-सदस्यों और विधानसभा सदस्यों से मिलकर बने निर्वाचक मण्डल द्वारा होता है। 3. यह प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होता है। 4. राष्ट्रपति के निर्वाचन में विधान परिषद् के सदस्यों के पास मत देने का अधिकार नहीं है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
  • A. केवल 1 और 2
  • B. 1, 2 और 4
  • C. केवल 1 और 4
  • D. केवल 3 और 4
Correct Answer: Option B - राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रधान होता है जो अप्रत्यक्ष निर्वाचन से चुना जाता है। अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति का निर्वाचन ऐसे निर्वाचक मण्डल द्वारा किया जायेगा, जिसमें संसद (लोकसभा और राज्य सभा) तथा राज्य विधानमण्डल के निर्वाचित सदस्य शामिल होंगे। राष्ट्रपति के निर्वाचक मण्डल में संसद के मनोनीत सदस्य, राज्य विधान मण्डलों के मनोनीत सदस्य तथा राज्य विधान परिषदों के सदस्य (निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों) शामिल नहीं किये जाते हैं। नोट- 70वें संविधान संशोधन अधिनियम 1912 द्वारा दिल्ली और पुदुचेरी विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेने की अनुमति मिली।
B. राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रधान होता है जो अप्रत्यक्ष निर्वाचन से चुना जाता है। अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति का निर्वाचन ऐसे निर्वाचक मण्डल द्वारा किया जायेगा, जिसमें संसद (लोकसभा और राज्य सभा) तथा राज्य विधानमण्डल के निर्वाचित सदस्य शामिल होंगे। राष्ट्रपति के निर्वाचक मण्डल में संसद के मनोनीत सदस्य, राज्य विधान मण्डलों के मनोनीत सदस्य तथा राज्य विधान परिषदों के सदस्य (निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों) शामिल नहीं किये जाते हैं। नोट- 70वें संविधान संशोधन अधिनियम 1912 द्वारा दिल्ली और पुदुचेरी विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेने की अनुमति मिली।

Explanations:

राष्ट्रपति भारत का संवैधानिक प्रधान होता है जो अप्रत्यक्ष निर्वाचन से चुना जाता है। अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति का निर्वाचन ऐसे निर्वाचक मण्डल द्वारा किया जायेगा, जिसमें संसद (लोकसभा और राज्य सभा) तथा राज्य विधानमण्डल के निर्वाचित सदस्य शामिल होंगे। राष्ट्रपति के निर्वाचक मण्डल में संसद के मनोनीत सदस्य, राज्य विधान मण्डलों के मनोनीत सदस्य तथा राज्य विधान परिषदों के सदस्य (निर्वाचित एवं मनोनीत दोनों) शामिल नहीं किये जाते हैं। नोट- 70वें संविधान संशोधन अधिनियम 1912 द्वारा दिल्ली और पुदुचेरी विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेने की अनुमति मिली।