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Q: निम्नलिखित में से कौन सा जिला धारवाड़ भूस्तरीय रचना वाला नहीं हैं?
  • A. मुंगेर
  • B. रोहतास
  • C. जमुई
  • D. नवादा
Correct Answer: Option B - दिये गये विकल्पों में रोहतास जिला धारवाड़ भूस्तरीय रचना वाला नहीं है। बिहार में संरचनात्मक दृष्टि कोण से प्रीकैब्रियन कल्प से लेकर चतुर्थ कल्प तक की चट्टानें पायी जाती है। प्रीकैम्ब्रियन कल्प की धारवाड़ और विंध्य चट्टानों की संरचना बिहार के दक्षिणी पूर्वी पठारी भाग में पायी जाती है। जैसे– मुंगेर, जमुई, नवादा, राजगीर, बिहार शरीफ, बोधगया आदि। विंध्य संरचना बिहार के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में पायी जाती है। इसका विस्तार सोन नदी के उत्तर में रोहतास और कैमूर जिले में है।
B. दिये गये विकल्पों में रोहतास जिला धारवाड़ भूस्तरीय रचना वाला नहीं है। बिहार में संरचनात्मक दृष्टि कोण से प्रीकैब्रियन कल्प से लेकर चतुर्थ कल्प तक की चट्टानें पायी जाती है। प्रीकैम्ब्रियन कल्प की धारवाड़ और विंध्य चट्टानों की संरचना बिहार के दक्षिणी पूर्वी पठारी भाग में पायी जाती है। जैसे– मुंगेर, जमुई, नवादा, राजगीर, बिहार शरीफ, बोधगया आदि। विंध्य संरचना बिहार के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में पायी जाती है। इसका विस्तार सोन नदी के उत्तर में रोहतास और कैमूर जिले में है।

Explanations:

दिये गये विकल्पों में रोहतास जिला धारवाड़ भूस्तरीय रचना वाला नहीं है। बिहार में संरचनात्मक दृष्टि कोण से प्रीकैब्रियन कल्प से लेकर चतुर्थ कल्प तक की चट्टानें पायी जाती है। प्रीकैम्ब्रियन कल्प की धारवाड़ और विंध्य चट्टानों की संरचना बिहार के दक्षिणी पूर्वी पठारी भाग में पायी जाती है। जैसे– मुंगेर, जमुई, नवादा, राजगीर, बिहार शरीफ, बोधगया आदि। विंध्य संरचना बिहार के दक्षिणी-पश्चिमी भाग में पायी जाती है। इसका विस्तार सोन नदी के उत्तर में रोहतास और कैमूर जिले में है।