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Q: निम्नलिखित में से कौन-सा इंजन कम्पोनेंट, इंजन को उसके नान-वार्किंग स्ट्रोकों के दौरान ‘‘कैरी’’ करता है।
  • A. पिस्टन
  • B. क्रेंकशॉफ्ट
  • C. कनेक्टिंग रॉड
  • D. फ्लाईव्हील
Correct Answer: Option D - फ्लाईव्हील, इंजन को उसके नान–वर्किंग स्ट्रोकों के दौरान ‘‘कैरी’’ करता है। क्योंकि जब इंजन किसी साइकिल पर कार्य करता है तो उसके पावर स्ट्रोक में ऊर्जा उत्पन्न होती है।तब इंजन का फ्लाईव्हील अनावश्यक ऊर्जा को संरक्षित कर लेता है और जब कभी पावर स्ट्रोक में कम मात्रा में ऊर्जा उपजती है। तब फ्लाईव्हील संरक्षित ऊर्जा को रिलीज कर देता है। और तब इंजन अपनी आवश्यक गति को प्राप्त कर लेता है और इससे इंजन क्रैंकशाफ्ट के उच्चावचन नियंत्रित हो जाते हैं।
D. फ्लाईव्हील, इंजन को उसके नान–वर्किंग स्ट्रोकों के दौरान ‘‘कैरी’’ करता है। क्योंकि जब इंजन किसी साइकिल पर कार्य करता है तो उसके पावर स्ट्रोक में ऊर्जा उत्पन्न होती है।तब इंजन का फ्लाईव्हील अनावश्यक ऊर्जा को संरक्षित कर लेता है और जब कभी पावर स्ट्रोक में कम मात्रा में ऊर्जा उपजती है। तब फ्लाईव्हील संरक्षित ऊर्जा को रिलीज कर देता है। और तब इंजन अपनी आवश्यक गति को प्राप्त कर लेता है और इससे इंजन क्रैंकशाफ्ट के उच्चावचन नियंत्रित हो जाते हैं।

Explanations:

फ्लाईव्हील, इंजन को उसके नान–वर्किंग स्ट्रोकों के दौरान ‘‘कैरी’’ करता है। क्योंकि जब इंजन किसी साइकिल पर कार्य करता है तो उसके पावर स्ट्रोक में ऊर्जा उत्पन्न होती है।तब इंजन का फ्लाईव्हील अनावश्यक ऊर्जा को संरक्षित कर लेता है और जब कभी पावर स्ट्रोक में कम मात्रा में ऊर्जा उपजती है। तब फ्लाईव्हील संरक्षित ऊर्जा को रिलीज कर देता है। और तब इंजन अपनी आवश्यक गति को प्राप्त कर लेता है और इससे इंजन क्रैंकशाफ्ट के उच्चावचन नियंत्रित हो जाते हैं।