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Q: निम्नलिखित में से कौन-सा एक ‘‘रचनावादी’’ कक्षा में गणितीय गतिविधि को निरूपित नहीं करता है ?
  • A. एक बच्चा विभिन्न आकृतियों को वर्गीकृत कर रहा है।
  • B. एक बच्चा गणितीय अवधारणा पर आधारित एक कहानी की रचना कर रहा है।
  • C. एक बच्चा एकत्रित आँकड़ों के आधार पर ग्राफ बना रहा है।
  • D. एक बच्चा श्यामपट्ट से प्रश्नों की नकल करके लिख रहा है।
Correct Answer: Option D - एक ‘रचनावादी’ कक्षा में गणितीय गतिविधि का अर्थ है। छात्र द्वारा सीखने की अपनी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होकर स्वयं सीखना है। उदाहरण- 1. एक बच्चा विभिन्न आकृतियों को वर्गीकृत कर रहा है। 2. एक बच्चा गणितीय अवधारणा पर आधारित एक कहानी की रचना कर रहा है। 3. एक बच्चा एकत्रित आँकड़ों के आधार पर ग्राफ बना रहा है। अत: एक बच्चा श्यामपट्ट से प्रश्नों की नकल करके लिख रहा है। यह रचनावादी कक्षा की गतिविधि नहीं है क्योंकि रचनावाद सीखने सिखाने के उस सिद्धान्त को कहते हैं, जिनसे विद्यार्थी अपने ज्ञान की रचना अथवा निर्माण वातावरण से अन्त:क्रिया करते हुए अपने अनुभवों से स्वयं करता है।
D. एक ‘रचनावादी’ कक्षा में गणितीय गतिविधि का अर्थ है। छात्र द्वारा सीखने की अपनी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होकर स्वयं सीखना है। उदाहरण- 1. एक बच्चा विभिन्न आकृतियों को वर्गीकृत कर रहा है। 2. एक बच्चा गणितीय अवधारणा पर आधारित एक कहानी की रचना कर रहा है। 3. एक बच्चा एकत्रित आँकड़ों के आधार पर ग्राफ बना रहा है। अत: एक बच्चा श्यामपट्ट से प्रश्नों की नकल करके लिख रहा है। यह रचनावादी कक्षा की गतिविधि नहीं है क्योंकि रचनावाद सीखने सिखाने के उस सिद्धान्त को कहते हैं, जिनसे विद्यार्थी अपने ज्ञान की रचना अथवा निर्माण वातावरण से अन्त:क्रिया करते हुए अपने अनुभवों से स्वयं करता है।

Explanations:

एक ‘रचनावादी’ कक्षा में गणितीय गतिविधि का अर्थ है। छात्र द्वारा सीखने की अपनी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल होकर स्वयं सीखना है। उदाहरण- 1. एक बच्चा विभिन्न आकृतियों को वर्गीकृत कर रहा है। 2. एक बच्चा गणितीय अवधारणा पर आधारित एक कहानी की रचना कर रहा है। 3. एक बच्चा एकत्रित आँकड़ों के आधार पर ग्राफ बना रहा है। अत: एक बच्चा श्यामपट्ट से प्रश्नों की नकल करके लिख रहा है। यह रचनावादी कक्षा की गतिविधि नहीं है क्योंकि रचनावाद सीखने सिखाने के उस सिद्धान्त को कहते हैं, जिनसे विद्यार्थी अपने ज्ञान की रचना अथवा निर्माण वातावरण से अन्त:क्रिया करते हुए अपने अनुभवों से स्वयं करता है।