Correct Answer:
Option D - कंठस्थीकरण एवं स्मरण सार्थक अधिगम की प्रक्रिया नहीं माना जा सकता है क्योंकि अधिगम एक सक्रिय प्रक्रिया है जो अनुभव के परिणामस्वरूप व्यवहार में परिवर्तन है। जबकि कंठस्थीकरण एवं स्मरण में सक्रियता का अभाव होता है तथा व्यवहार परिवर्तन को भी प्रत्यक्षत: प्रभावित नहीं करता। दूसरी ओर पुनरावृत्ति एवं अभ्यास, निर्देश एवं संचालन तथा अन्वेषण एवं पारस्परिक क्रिया में सक्रियता निहित होती है तथा सार्थक अधिगम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
D. कंठस्थीकरण एवं स्मरण सार्थक अधिगम की प्रक्रिया नहीं माना जा सकता है क्योंकि अधिगम एक सक्रिय प्रक्रिया है जो अनुभव के परिणामस्वरूप व्यवहार में परिवर्तन है। जबकि कंठस्थीकरण एवं स्मरण में सक्रियता का अभाव होता है तथा व्यवहार परिवर्तन को भी प्रत्यक्षत: प्रभावित नहीं करता। दूसरी ओर पुनरावृत्ति एवं अभ्यास, निर्देश एवं संचालन तथा अन्वेषण एवं पारस्परिक क्रिया में सक्रियता निहित होती है तथा सार्थक अधिगम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।