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Q: निम्नलिखित में से कौन–सा आलोचनात्म्क दृष्टिकोण ‘बहु–बुद्धि सिद्धांत’ (Theory of multiple intelligences) से सम्बद्ध नहीं है?
  • A. यह शोधाधारित नहीं है
  • B. विभिन्न बुद्धियाँ भिन्न–भिन्न विद्यार्थियों के लिए विभिन्न पद्धतियों की माँग करती है
  • C. प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्राय: एक क्षेत्र में ही अपने विशिष्टता प्रदर्शित करते हैं
  • D. इसका कोई अनुभावात्मक आधार नहीं है
Correct Answer: Option C - बहु-बुद्धि सिद्धांत का प्रतिपादन हावर्ड गार्डनर ने किया था। इनके अनुसार बुद्धि का स्वरूप एकाकी न होकर बहु-प्रकारीय होता है। इन्होंने कुल सात प्रकार की बुद्धि बतायी। गार्डनर का यह सिद्धांत बताता है कि ये सभी सातों प्रकार की बुद्धि परस्पर अंतक्रिया करती है फिर भी वे मुख्यत: स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। यही कारण है कि कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में प्रखर होने के बावजूद अन्य क्षेत्र में असफल हो सकता है।
C. बहु-बुद्धि सिद्धांत का प्रतिपादन हावर्ड गार्डनर ने किया था। इनके अनुसार बुद्धि का स्वरूप एकाकी न होकर बहु-प्रकारीय होता है। इन्होंने कुल सात प्रकार की बुद्धि बतायी। गार्डनर का यह सिद्धांत बताता है कि ये सभी सातों प्रकार की बुद्धि परस्पर अंतक्रिया करती है फिर भी वे मुख्यत: स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। यही कारण है कि कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में प्रखर होने के बावजूद अन्य क्षेत्र में असफल हो सकता है।

Explanations:

बहु-बुद्धि सिद्धांत का प्रतिपादन हावर्ड गार्डनर ने किया था। इनके अनुसार बुद्धि का स्वरूप एकाकी न होकर बहु-प्रकारीय होता है। इन्होंने कुल सात प्रकार की बुद्धि बतायी। गार्डनर का यह सिद्धांत बताता है कि ये सभी सातों प्रकार की बुद्धि परस्पर अंतक्रिया करती है फिर भी वे मुख्यत: स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। यही कारण है कि कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में प्रखर होने के बावजूद अन्य क्षेत्र में असफल हो सकता है।