Correct Answer:
Option C - बहु-बुद्धि सिद्धांत का प्रतिपादन हावर्ड गार्डनर ने किया था। इनके अनुसार बुद्धि का स्वरूप एकाकी न होकर बहु-प्रकारीय होता है। इन्होंने कुल सात प्रकार की बुद्धि बतायी। गार्डनर का यह सिद्धांत बताता है कि ये सभी सातों प्रकार की बुद्धि परस्पर अंतक्रिया करती है फिर भी वे मुख्यत: स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। यही कारण है कि कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में प्रखर होने के बावजूद अन्य क्षेत्र में असफल हो सकता है।
C. बहु-बुद्धि सिद्धांत का प्रतिपादन हावर्ड गार्डनर ने किया था। इनके अनुसार बुद्धि का स्वरूप एकाकी न होकर बहु-प्रकारीय होता है। इन्होंने कुल सात प्रकार की बुद्धि बतायी। गार्डनर का यह सिद्धांत बताता है कि ये सभी सातों प्रकार की बुद्धि परस्पर अंतक्रिया करती है फिर भी वे मुख्यत: स्वतंत्र रूप से कार्य करती है। यही कारण है कि कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में प्रखर होने के बावजूद अन्य क्षेत्र में असफल हो सकता है।