Correct Answer:
Option A - पालघाट मणि अय्यर (1912-1981) भारतीय शास्त्रीय संगीत में मृदंगम वादन के लिए प्रसिद्ध थे। वे कर्नाटक संगीत के महान मृदंगम वादकों में से एक माने जाते हैं और उन्होने इस वाद्ययंत्र की प्रस्तुति शैली में क्रांतिकारी बदलाव किए। उन्होने मृदंगम को सिर्फ संगीत वाद्ययंत्र के रूप में नहीं बल्कि इसे स्वतंत्र वादन शैली के रूप में स्थापित किया।
A. पालघाट मणि अय्यर (1912-1981) भारतीय शास्त्रीय संगीत में मृदंगम वादन के लिए प्रसिद्ध थे। वे कर्नाटक संगीत के महान मृदंगम वादकों में से एक माने जाते हैं और उन्होने इस वाद्ययंत्र की प्रस्तुति शैली में क्रांतिकारी बदलाव किए। उन्होने मृदंगम को सिर्फ संगीत वाद्ययंत्र के रूप में नहीं बल्कि इसे स्वतंत्र वादन शैली के रूप में स्थापित किया।