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Q: निम्नलिखित में से कौन कवि `अर्थगौरव' के लिए प्रसिद्ध है?
  • A. भारवि
  • B. भास
  • C. कालिदास
  • D. श्रीहर्ष
Correct Answer: Option A - भारवि का वैदुष्य व्यापक है भारवि अपने अर्थ गौरव के लिए सर्वप्रसिद्ध हैं। सम्प्रति सन्दर्भ में एक सूक्ति सर्वविदित है- ``भारवेऽर्थ गौरवम्’’। यही पाण्डित्य उनके पदों को अर्थगौरव से परिपूर्ण करता है। `किरातार्जुनीयम्'। भारवि का महाकाव्य है। अपने काव्य अलंकारों में आधिक्य के परिणामस्वरूप भी अर्थ गौरव में कोई कमी नहीं आई है।
A. भारवि का वैदुष्य व्यापक है भारवि अपने अर्थ गौरव के लिए सर्वप्रसिद्ध हैं। सम्प्रति सन्दर्भ में एक सूक्ति सर्वविदित है- ``भारवेऽर्थ गौरवम्’’। यही पाण्डित्य उनके पदों को अर्थगौरव से परिपूर्ण करता है। `किरातार्जुनीयम्'। भारवि का महाकाव्य है। अपने काव्य अलंकारों में आधिक्य के परिणामस्वरूप भी अर्थ गौरव में कोई कमी नहीं आई है।

Explanations:

भारवि का वैदुष्य व्यापक है भारवि अपने अर्थ गौरव के लिए सर्वप्रसिद्ध हैं। सम्प्रति सन्दर्भ में एक सूक्ति सर्वविदित है- ``भारवेऽर्थ गौरवम्’’। यही पाण्डित्य उनके पदों को अर्थगौरव से परिपूर्ण करता है। `किरातार्जुनीयम्'। भारवि का महाकाव्य है। अपने काव्य अलंकारों में आधिक्य के परिणामस्वरूप भी अर्थ गौरव में कोई कमी नहीं आई है।