Correct Answer:
Option A - जैव अभिमार्जन में सहायता करता है। जीवद्रव्य प्रौद्योगिकी का लाभ नहीं हैं।
कोशिका के कोशिका झिल्ली के अंदर सम्पूर्ण पदार्थों को जीवद्रव्य कहते हैं। यह रवेदार, जेलीनुमा, अर्धतरल पदार्थ है। यह पारदर्शी एवं चिपचिपा होता है। इसकी रचना जल एवं कार्बनिक तथा अकार्बकि ठोस पदार्थों से हुई है। इसके निम्नलिखित लाभ है।
यह द्रव प्रतिकर्षण देता है।, अपघर्षण प्रतिरोध बढ़ाता है। रंजन गति बढ़ाता है। जीव द्रव्य को दो भागों में बांटा गया है यह द्रव्य हर एक कोशिका में मौजूद होता है। इसके दो भाग इस प्रकार है। पहला कोशिका द्रव्य तथा दूसरा केंद्रक द्रव्य।
A. जैव अभिमार्जन में सहायता करता है। जीवद्रव्य प्रौद्योगिकी का लाभ नहीं हैं।
कोशिका के कोशिका झिल्ली के अंदर सम्पूर्ण पदार्थों को जीवद्रव्य कहते हैं। यह रवेदार, जेलीनुमा, अर्धतरल पदार्थ है। यह पारदर्शी एवं चिपचिपा होता है। इसकी रचना जल एवं कार्बनिक तथा अकार्बकि ठोस पदार्थों से हुई है। इसके निम्नलिखित लाभ है।
यह द्रव प्रतिकर्षण देता है।, अपघर्षण प्रतिरोध बढ़ाता है। रंजन गति बढ़ाता है। जीव द्रव्य को दो भागों में बांटा गया है यह द्रव्य हर एक कोशिका में मौजूद होता है। इसके दो भाग इस प्रकार है। पहला कोशिका द्रव्य तथा दूसरा केंद्रक द्रव्य।