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Q: निम्नलिखित में से कौन अशुद्धवाचन का कारण नहीं है?
  • A. वर्णों की ध्वनियों का ज्ञान न होना
  • B. प्रयत्न-लाघव
  • C. उच्चारणसम्बन्धी अभ्यास की कमी
  • D. सस्वरवाचन
Correct Answer: Option D - वर्णों की ध्वनियों का ज्ञान न होने पर तथा उच्चारण सम्बन्धी अभ्यास की कमी होने पर हम अशुद्ध उच्चारण के दोष से युक्त हो जाते हैं। प्रयत्न-लाघव भाषा विज्ञान की दृष्टि से भाषागत दोष है जबकि सस्वरवाचन उच्चारण की वैदिक परम्परा है।
D. वर्णों की ध्वनियों का ज्ञान न होने पर तथा उच्चारण सम्बन्धी अभ्यास की कमी होने पर हम अशुद्ध उच्चारण के दोष से युक्त हो जाते हैं। प्रयत्न-लाघव भाषा विज्ञान की दृष्टि से भाषागत दोष है जबकि सस्वरवाचन उच्चारण की वैदिक परम्परा है।

Explanations:

वर्णों की ध्वनियों का ज्ञान न होने पर तथा उच्चारण सम्बन्धी अभ्यास की कमी होने पर हम अशुद्ध उच्चारण के दोष से युक्त हो जाते हैं। प्रयत्न-लाघव भाषा विज्ञान की दृष्टि से भाषागत दोष है जबकि सस्वरवाचन उच्चारण की वैदिक परम्परा है।