Correct Answer:
Option D - उपर्युक्त में से परोक्ष न्यायसूत्र के मत में नहीं है।
न्याय दर्शन चार प्रमाण मानता है। ‘प्रत्यक्षानुमानोपमानशब्दा: प्रमाणानि।’
(1) प्रत्यक्ष- ‘साक्षात्कारिप्रमाकरणं प्रत्यक्षम्’
(2) अनुमान - ‘लिङ्गपरामर्शोऽनुमानम्’
(3) उपमान- ‘अतिदेशवाक्यार्थस्मरणसहकृतं गोसादृश्य विशिष्टपिण्डज्ञानमुपमानम्
(4) शब्द - ‘आप्तवाक्यं शब्द:’
D. उपर्युक्त में से परोक्ष न्यायसूत्र के मत में नहीं है।
न्याय दर्शन चार प्रमाण मानता है। ‘प्रत्यक्षानुमानोपमानशब्दा: प्रमाणानि।’
(1) प्रत्यक्ष- ‘साक्षात्कारिप्रमाकरणं प्रत्यक्षम्’
(2) अनुमान - ‘लिङ्गपरामर्शोऽनुमानम्’
(3) उपमान- ‘अतिदेशवाक्यार्थस्मरणसहकृतं गोसादृश्य विशिष्टपिण्डज्ञानमुपमानम्
(4) शब्द - ‘आप्तवाक्यं शब्द:’