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Q: निम्नलिखित में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में महात्मा गाँधी ने कहा था, ``गाँधी मर सकते हैं, परन्तु गाँधीवाद हमेशा बना रहेगा''?
  • A. कलकत्ता अधिवेशन, 1928
  • B. लाहौर अधिवेशन, 1929
  • C. मद्रास अधिवेशन, 1927
  • D. कराची अधिवेशन, 1931
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - गांधी-इरविन समझौते (दिल्ली समझौते) को मंजूरी देने के लिए 29 मार्च, 1931 को करांची में कांग्रेस की बैठक हुई। इसमें पूर्ण स्वराज की मांग की गई लेकिन गांधी और इरविन के उस समझौते को भी स्वीकार किया गया जिसने पुनर्विचार करने का रास्ता खोल दिया था। कांग्रेस के इसी सम्मेलन में गांधी जी ने कहा था कि ‘‘गांधी मर सकता है परन्तु गांधीवाद हमेशा बना रहेगा।’’
D. गांधी-इरविन समझौते (दिल्ली समझौते) को मंजूरी देने के लिए 29 मार्च, 1931 को करांची में कांग्रेस की बैठक हुई। इसमें पूर्ण स्वराज की मांग की गई लेकिन गांधी और इरविन के उस समझौते को भी स्वीकार किया गया जिसने पुनर्विचार करने का रास्ता खोल दिया था। कांग्रेस के इसी सम्मेलन में गांधी जी ने कहा था कि ‘‘गांधी मर सकता है परन्तु गांधीवाद हमेशा बना रहेगा।’’

Explanations:

गांधी-इरविन समझौते (दिल्ली समझौते) को मंजूरी देने के लिए 29 मार्च, 1931 को करांची में कांग्रेस की बैठक हुई। इसमें पूर्ण स्वराज की मांग की गई लेकिन गांधी और इरविन के उस समझौते को भी स्वीकार किया गया जिसने पुनर्विचार करने का रास्ता खोल दिया था। कांग्रेस के इसी सम्मेलन में गांधी जी ने कहा था कि ‘‘गांधी मर सकता है परन्तु गांधीवाद हमेशा बना रहेगा।’’