Correct Answer:
Option D - गांधी-इरविन समझौते (दिल्ली समझौते) को मंजूरी देने के लिए 29 मार्च, 1931 को करांची में कांग्रेस की बैठक हुई। इसमें पूर्ण स्वराज की मांग की गई लेकिन गांधी और इरविन के उस समझौते को भी स्वीकार किया गया जिसने पुनर्विचार करने का रास्ता खोल दिया था। कांग्रेस के इसी सम्मेलन में गांधी जी ने कहा था कि ‘‘गांधी मर सकता है परन्तु गांधीवाद हमेशा बना रहेगा।’’
D. गांधी-इरविन समझौते (दिल्ली समझौते) को मंजूरी देने के लिए 29 मार्च, 1931 को करांची में कांग्रेस की बैठक हुई। इसमें पूर्ण स्वराज की मांग की गई लेकिन गांधी और इरविन के उस समझौते को भी स्वीकार किया गया जिसने पुनर्विचार करने का रास्ता खोल दिया था। कांग्रेस के इसी सम्मेलन में गांधी जी ने कहा था कि ‘‘गांधी मर सकता है परन्तु गांधीवाद हमेशा बना रहेगा।’’