search
Q: निम्नलिखित में से भारतवर्ष में विधि की शून्यता का कौन-सा पहलू पाया जाता है?
  • A. न्यायपालिका, विवादित कार्यपालिका आदेश या विधायी उपायों को, पूर्णत: या उसके भाग को शून्य घोषित कर सकती है
  • B. एक संविधि पूर्णत: या आंशिक रूप से शून्य घोषित की जा सकती है
  • C. एक शून्य विधि को, संवैधानिक संशोधन के माध्यम से, राज्य द्वारा पुनर्जीवित किया जा सकता है
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option D - भारत वर्ष में विधि शून्यता का पहलू निम्नलिखित संदर्भ में पाया जाता है– जिसमें न्यायपालिका, विवादित कार्यपालिका आदेश या विद्यायी उपायों को, पूर्णत: या उसके भाग को शून्य घोषित कर सकती है। एक शून्य विधि को, संवैधानिक संशोधन के माध्यम से, राज्य द्वारा पुनर्जीवित किया जा सकता है और एक संविधि पूर्णत: या आंशिक रूप से शून्य घोषित की जा सकती है। इस विकल्प (d) उपर्युक्त में से एक अधिक, उत्तर होगा।
D. भारत वर्ष में विधि शून्यता का पहलू निम्नलिखित संदर्भ में पाया जाता है– जिसमें न्यायपालिका, विवादित कार्यपालिका आदेश या विद्यायी उपायों को, पूर्णत: या उसके भाग को शून्य घोषित कर सकती है। एक शून्य विधि को, संवैधानिक संशोधन के माध्यम से, राज्य द्वारा पुनर्जीवित किया जा सकता है और एक संविधि पूर्णत: या आंशिक रूप से शून्य घोषित की जा सकती है। इस विकल्प (d) उपर्युक्त में से एक अधिक, उत्तर होगा।

Explanations:

भारत वर्ष में विधि शून्यता का पहलू निम्नलिखित संदर्भ में पाया जाता है– जिसमें न्यायपालिका, विवादित कार्यपालिका आदेश या विद्यायी उपायों को, पूर्णत: या उसके भाग को शून्य घोषित कर सकती है। एक शून्य विधि को, संवैधानिक संशोधन के माध्यम से, राज्य द्वारा पुनर्जीवित किया जा सकता है और एक संविधि पूर्णत: या आंशिक रूप से शून्य घोषित की जा सकती है। इस विकल्प (d) उपर्युक्त में से एक अधिक, उत्तर होगा।