Correct Answer:
Option A - महावीर स्वामी जैनियों के 24वें तीर्थंकर एवं जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक थे। महावीर ने अपने जीवन काल में ही एक संघ की स्थापना की जिसमे 11 गणधर थे। इनको ही प्रमुख शिष्य की संज्ञा दी गयी है। जिनमें प्रमुख मक्खलिपुत्त गोशाल थे। महावीर के समय ही 10 गणधरों की मृत्यु हो गयी थी। महावीर के बाद केवल सुधर्मण ही जीवित था।
A. महावीर स्वामी जैनियों के 24वें तीर्थंकर एवं जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक थे। महावीर ने अपने जीवन काल में ही एक संघ की स्थापना की जिसमे 11 गणधर थे। इनको ही प्रमुख शिष्य की संज्ञा दी गयी है। जिनमें प्रमुख मक्खलिपुत्त गोशाल थे। महावीर के समय ही 10 गणधरों की मृत्यु हो गयी थी। महावीर के बाद केवल सुधर्मण ही जीवित था।