Correct Answer:
Option A - रंग-वर्णान्धता एक लिंग-सहलग्न रोग है। रंग-वर्णान्धता पुरुषों में स्त्रियों की अपेक्षा अधिक होता है क्योंकि स्त्रियाँ इस रोग में वाहक का कार्य करती हैं। रंग-वर्णान्धता रोग से ग्रसित व्यक्ति लाल एवं हरा रंग में पहचान नहीं कर पाता है। रंग-वर्णान्धता पुरुषों में 8 प्रतिशत जबकि महिलाओं में केवल 0.5 प्रतिशत होता है। रतौंधी वृद्ध एवं युवा सभी को हो सकती है। रतौंधी एक ऐसी बीमारी है जिसमें कम रोशनी में देखना असम्भव हो जाता है। यह समस्या जन्म से, चोट या कुपोषण के कारण हो सकती है। इसका एक प्रमुख कारण विटामिन A की कमी है।
A. रंग-वर्णान्धता एक लिंग-सहलग्न रोग है। रंग-वर्णान्धता पुरुषों में स्त्रियों की अपेक्षा अधिक होता है क्योंकि स्त्रियाँ इस रोग में वाहक का कार्य करती हैं। रंग-वर्णान्धता रोग से ग्रसित व्यक्ति लाल एवं हरा रंग में पहचान नहीं कर पाता है। रंग-वर्णान्धता पुरुषों में 8 प्रतिशत जबकि महिलाओं में केवल 0.5 प्रतिशत होता है। रतौंधी वृद्ध एवं युवा सभी को हो सकती है। रतौंधी एक ऐसी बीमारी है जिसमें कम रोशनी में देखना असम्भव हो जाता है। यह समस्या जन्म से, चोट या कुपोषण के कारण हो सकती है। इसका एक प्रमुख कारण विटामिन A की कमी है।