search
Q: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए– 1. भूकंप-लेखी (सीस्मोग्राफ) में S तरंगों से पूर्व P तरंगें अभिलिखित की जाती है। 2. P तरंगों में, अलग-अलग कण तरंग प्रसार की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जबकि S तरंगों में कण तरंग प्रसार की दिशा के समकोणीय ऊपर-नीचे कंपन करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1 और न ही 2
Correct Answer: Option C - भूकम्प एक धरातलीय अभिक्रिया से उत्पन्न भौगोलिक परिणाम है जिसमें धरती एकाएक कम्पन करने लगती है। यह भूकंप के दौरान उत्पन्न तरंगों के कारण होती है। ये तरंगें तीन प्रकार (P, S और L) की होती है। सिस्मोग्राफ भूकम्प तरंगों के मापन का एक यंत्र है। सिस्मोग्राफ पर 'S' तरंगों से पहले 'झ्' तरंगों का अभिलेखन किया जाता है क्योंकि 'P' तरंग का वेग 'S' तरंग से अधिक होती है। 'P' तरंगें प्रसार की दिशा में गति करते हुए आगे-पीछे कम्पन करते हुए चलती है, जबकि 'S' तरंगें प्रसार कम्पन करते हुए चलती हैं। 'S' तरंगे प्रसार की दिशा में समकोणीय ऊपर-नीचे कम्पन करते हुए आगे बढ़ती हैं। इस प्रकार दोनों कथन सही हैं।
C. भूकम्प एक धरातलीय अभिक्रिया से उत्पन्न भौगोलिक परिणाम है जिसमें धरती एकाएक कम्पन करने लगती है। यह भूकंप के दौरान उत्पन्न तरंगों के कारण होती है। ये तरंगें तीन प्रकार (P, S और L) की होती है। सिस्मोग्राफ भूकम्प तरंगों के मापन का एक यंत्र है। सिस्मोग्राफ पर 'S' तरंगों से पहले 'झ्' तरंगों का अभिलेखन किया जाता है क्योंकि 'P' तरंग का वेग 'S' तरंग से अधिक होती है। 'P' तरंगें प्रसार की दिशा में गति करते हुए आगे-पीछे कम्पन करते हुए चलती है, जबकि 'S' तरंगें प्रसार कम्पन करते हुए चलती हैं। 'S' तरंगे प्रसार की दिशा में समकोणीय ऊपर-नीचे कम्पन करते हुए आगे बढ़ती हैं। इस प्रकार दोनों कथन सही हैं।

Explanations:

भूकम्प एक धरातलीय अभिक्रिया से उत्पन्न भौगोलिक परिणाम है जिसमें धरती एकाएक कम्पन करने लगती है। यह भूकंप के दौरान उत्पन्न तरंगों के कारण होती है। ये तरंगें तीन प्रकार (P, S और L) की होती है। सिस्मोग्राफ भूकम्प तरंगों के मापन का एक यंत्र है। सिस्मोग्राफ पर 'S' तरंगों से पहले 'झ्' तरंगों का अभिलेखन किया जाता है क्योंकि 'P' तरंग का वेग 'S' तरंग से अधिक होती है। 'P' तरंगें प्रसार की दिशा में गति करते हुए आगे-पीछे कम्पन करते हुए चलती है, जबकि 'S' तरंगें प्रसार कम्पन करते हुए चलती हैं। 'S' तरंगे प्रसार की दिशा में समकोणीय ऊपर-नीचे कम्पन करते हुए आगे बढ़ती हैं। इस प्रकार दोनों कथन सही हैं।