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Q: निम्नलिखित कथनों को ध्यानपूर्वक पढि़ये। (1) ब्रह्म समाज एकेश्वरवाद का समर्थन करता था (2) आर्य समाज ने शिक्षा के विकास में योगदान दिया। (3) रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानंद ने की। उत्तर निम्न कूटों के आधार पर दीजिए।
  • A. 1, 2 एवं 3 सही है
  • B. 1 एवं 2 सही है
  • C. 1 एवं 3 सही है
  • D. 2 एवं 3 सही है
Correct Answer: Option A - ब्रह्म समाज सभा की स्थापना 1828 ई. में राजा राममोहन राय ने की थी। यह एकेश्वरवाद का समर्थक था। आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 ई. में बम्बई में की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन वैदिक धर्म की शुद्ध रूप से पुन: स्थापना करना था। आर्य समाज ने शिक्षा तथा ज्ञान के प्रसार पर बहुत बल दिया। 1886 ई. में लाहौर में दयानन्द ऐंग्लो-वैदिक कॉलेज की स्थापना की गई। रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानन्द ने 1897 ई. में की। ये रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे, इनका प्रारंभिक नाम नरेन्द्रनाथ था।
A. ब्रह्म समाज सभा की स्थापना 1828 ई. में राजा राममोहन राय ने की थी। यह एकेश्वरवाद का समर्थक था। आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 ई. में बम्बई में की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन वैदिक धर्म की शुद्ध रूप से पुन: स्थापना करना था। आर्य समाज ने शिक्षा तथा ज्ञान के प्रसार पर बहुत बल दिया। 1886 ई. में लाहौर में दयानन्द ऐंग्लो-वैदिक कॉलेज की स्थापना की गई। रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानन्द ने 1897 ई. में की। ये रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे, इनका प्रारंभिक नाम नरेन्द्रनाथ था।

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ब्रह्म समाज सभा की स्थापना 1828 ई. में राजा राममोहन राय ने की थी। यह एकेश्वरवाद का समर्थक था। आर्य समाज की स्थापना स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 ई. में बम्बई में की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन वैदिक धर्म की शुद्ध रूप से पुन: स्थापना करना था। आर्य समाज ने शिक्षा तथा ज्ञान के प्रसार पर बहुत बल दिया। 1886 ई. में लाहौर में दयानन्द ऐंग्लो-वैदिक कॉलेज की स्थापना की गई। रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानन्द ने 1897 ई. में की। ये रामकृष्ण परमहंस के शिष्य थे, इनका प्रारंभिक नाम नरेन्द्रनाथ था।