Explanations:
ज्वारीय ऊर्जा और भू-तापीय ऊर्जा दोनों ही नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत है। ज्वारीय ऊर्जा एक अक्षय ऊर्जा का स्रोत है जिसे समुद्र की लहरों में उपस्थित गतिज ऊर्जा का उपयोग करके उत्पन्न किया जाता है। भारत में ज्वारीय ऊर्जा उत्पादन की अपार सम्भावनाएं उपस्थित है। गुजरात की खम्भात की खाड़ी और कच्छ की खाड़ी ज्वारीय ऊर्जा की सर्वाधिक सम्भावना वाले क्षेत्र हैं। हिमाचल प्रदेश के मणिकरण में पार्वती नदी के तट पर एक भू-तापीय संयंत्र प्रारम्भ किया गया है। यह संयंत्र पृथ्वी के आंतरिक भाग से मिलने वाली गर्मी का उपयोग कर बिजली का निर्माण करता है। इस संयंत्र की क्षमता 5 मेगावॉट है।