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Q: निम्नलिखित कथनों का परीक्षण कीजिये और नीचे दिये गये कोड का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए : 1. सौरमण्डल के ग्रहों की संरचना भिन्न-भिन्न होती है। 2. ग्रहों की संरचना सूर्य से दूरी से सम्बन्धित प्रतीत होती है। 3. सूर्य के समीप ग्रह चट्टानों और धातुओं से निर्मित थे जो उच्च तापमान पर क्रिस्टलीकृत हो चुके हैं। 4. बाह्यतम ग्रह तत्त्वों से बने थे जो उच्च तापमान पर ठोस (संघनित) में बदल चुके हैं। कोड :
  • A. 1, 2 और 4 सही हैं
  • B. 2, 3 और 4 सही हैं
  • C. 1, 2 और 3 सही हैं
  • D. 1, 2, 3 और 4 सही हैं
Correct Answer: Option C - सौरमंडल के सभी ग्रह भिन्न-भिन्न संरचनाओं, आकारों संघटन करने वाले पदार्थों, तापमान व सूर्य के चारों ओर परिक्रमा अवधि की दृष्टि से भिन्न हैं। ग्रहों की संरचना सूर्य से सम्बन्धित होती है। सूर्य के कोर में अत्यधिक उच्च तापमान के कारण सूर्य के समीपी ग्रह चट्टानों और धातुओं निर्मित थे जो उच्च ताप पर क्रिस्टलीकृत हो चुके हैं। वाह्य ग्रह बृहस्पति और शनि गैसों से जबकि अरुण एवं वरुण बर्फ के विशालकाय गोले हैं
C. सौरमंडल के सभी ग्रह भिन्न-भिन्न संरचनाओं, आकारों संघटन करने वाले पदार्थों, तापमान व सूर्य के चारों ओर परिक्रमा अवधि की दृष्टि से भिन्न हैं। ग्रहों की संरचना सूर्य से सम्बन्धित होती है। सूर्य के कोर में अत्यधिक उच्च तापमान के कारण सूर्य के समीपी ग्रह चट्टानों और धातुओं निर्मित थे जो उच्च ताप पर क्रिस्टलीकृत हो चुके हैं। वाह्य ग्रह बृहस्पति और शनि गैसों से जबकि अरुण एवं वरुण बर्फ के विशालकाय गोले हैं

Explanations:

सौरमंडल के सभी ग्रह भिन्न-भिन्न संरचनाओं, आकारों संघटन करने वाले पदार्थों, तापमान व सूर्य के चारों ओर परिक्रमा अवधि की दृष्टि से भिन्न हैं। ग्रहों की संरचना सूर्य से सम्बन्धित होती है। सूर्य के कोर में अत्यधिक उच्च तापमान के कारण सूर्य के समीपी ग्रह चट्टानों और धातुओं निर्मित थे जो उच्च ताप पर क्रिस्टलीकृत हो चुके हैं। वाह्य ग्रह बृहस्पति और शनि गैसों से जबकि अरुण एवं वरुण बर्फ के विशालकाय गोले हैं