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Q: शिवराजविजय में किस रीति का आश्रय लिया गया है–
  • A. गौड़ी
  • B. वैदर्भी
  • C. लाटी
  • D. पाञ्चाली
Correct Answer: Option D - शिवराजविजय में व्यास जी ने पाञ्चाली रीति का आश्रय लिया है। ओज एवं कान्ति समन्वित पदों की मधुर सुकुमार रचना को पाञ्चाली रीति कहते हैं। यह ग्रन्थ अनुपम वाक्य विन्यास, अलङ्करण एवं शब्द की दृष्टि से कादम्बरी से प्रभावित है।
D. शिवराजविजय में व्यास जी ने पाञ्चाली रीति का आश्रय लिया है। ओज एवं कान्ति समन्वित पदों की मधुर सुकुमार रचना को पाञ्चाली रीति कहते हैं। यह ग्रन्थ अनुपम वाक्य विन्यास, अलङ्करण एवं शब्द की दृष्टि से कादम्बरी से प्रभावित है।

Explanations:

शिवराजविजय में व्यास जी ने पाञ्चाली रीति का आश्रय लिया है। ओज एवं कान्ति समन्वित पदों की मधुर सुकुमार रचना को पाञ्चाली रीति कहते हैं। यह ग्रन्थ अनुपम वाक्य विन्यास, अलङ्करण एवं शब्द की दृष्टि से कादम्बरी से प्रभावित है।