Correct Answer:
Option A - प्रस्तुत गद्यांश में जीवन के साथ सितार की तुलना इसलिए की गयी है क्योंकि सितार बजाने की भाँति जीने का भी एक सलीका होता है। जिस प्रकार वाद्ययंत्रों पर जैसा आघात करते हैं वैसी ही ध्वनि उनसे निकलती है, उसी प्रकार जीवन में अनुशासित रहते हुए प्रत्येक कार्य को नियमानुसार करने से जीवन रूपी सितार से उत्पन्न होने वाला प्रत्येक राग सार्थकता व आनन्द प्रदान करता है।
A. प्रस्तुत गद्यांश में जीवन के साथ सितार की तुलना इसलिए की गयी है क्योंकि सितार बजाने की भाँति जीने का भी एक सलीका होता है। जिस प्रकार वाद्ययंत्रों पर जैसा आघात करते हैं वैसी ही ध्वनि उनसे निकलती है, उसी प्रकार जीवन में अनुशासित रहते हुए प्रत्येक कार्य को नियमानुसार करने से जीवन रूपी सितार से उत्पन्न होने वाला प्रत्येक राग सार्थकता व आनन्द प्रदान करता है।