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Q: निम्नलिखित अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (प्र. सं. 61-65) जिस विद्यार्थी ने समय की कीमत जान ली वह सफलता को अवश्य प्राप्त करता है प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी दिनचर्या की समय-सारणी अथवा तालिका बनाकर उसका पूरी दृढ़ता से पालन करना चाहिए। जिस विद्यार्थी ने समय का सही उपयोग करना सीख लिया, उसके लिए कोई भी काम करना असंभव नहीें है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कोई काम पूरा न होने पर समय की दुहाई देते हैं। वास्तव में सच्चाई इसके विपरीत होती है। अपनी अकर्मण्यता और आलस्य को वे समय की कमी के बहाने छिपाते हैं। कुछ लोगों को अकर्मण्य रह कर निठल्ले समय बिताना अच्छा लगता है। ऐसे लोग केवल बातूनी होते हैं। दुनिया के सफलतम व्यक्तियों ने सदैव कार्यव्यस्तता में जीवन बिताया है। उनकी सफलता का रहस्य समय का सदुपयोग रहा है। दुनिया में अथवा प्रकृति में हर वस्तु का समय निश्चित हैं। समय बीत जाने के बाद कार्य फलप्रद नहीं होता । अकर्मण्यता शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय कौन से हैं?
  • A. उपसर्ग अ एवं प्रत्यय ता
  • B. उपसर्ग नही है, प्रत्यय ता
  • C. उपसर्ग ता और प्रत्यय अ
  • D. उपसर्ग अकर्मण्य एवं प्रत्यय ता
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - उपर्युक्त अनुच्छेद में दिये गये शब्द ‘अकर्मण्यता’ में ‘अ’ उपसर्ग एवं ‘ता’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इसमें ‘कर्मण्य’ मूल शब्द है। उपसर्ग:– उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है, जैसे- ‘भ्रमण’ शब्द में ‘परि’ उपसर्ग लगने से ‘परिभ्रमण’ शब्द बना। प्रत्यय :– शब्द के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है, उसे ‘प्रत्यय’ कहते हैं। जैसे- ‘भला’ शब्द में ‘आई’ प्रत्यय लगने से ‘भलाई’ शब्द बना।
A. उपर्युक्त अनुच्छेद में दिये गये शब्द ‘अकर्मण्यता’ में ‘अ’ उपसर्ग एवं ‘ता’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इसमें ‘कर्मण्य’ मूल शब्द है। उपसर्ग:– उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है, जैसे- ‘भ्रमण’ शब्द में ‘परि’ उपसर्ग लगने से ‘परिभ्रमण’ शब्द बना। प्रत्यय :– शब्द के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है, उसे ‘प्रत्यय’ कहते हैं। जैसे- ‘भला’ शब्द में ‘आई’ प्रत्यय लगने से ‘भलाई’ शब्द बना।

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उपर्युक्त अनुच्छेद में दिये गये शब्द ‘अकर्मण्यता’ में ‘अ’ उपसर्ग एवं ‘ता’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इसमें ‘कर्मण्य’ मूल शब्द है। उपसर्ग:– उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है, जैसे- ‘भ्रमण’ शब्द में ‘परि’ उपसर्ग लगने से ‘परिभ्रमण’ शब्द बना। प्रत्यय :– शब्द के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है, उसे ‘प्रत्यय’ कहते हैं। जैसे- ‘भला’ शब्द में ‘आई’ प्रत्यय लगने से ‘भलाई’ शब्द बना।