Correct Answer:
Option A - उपर्युक्त अनुच्छेद में दिये गये शब्द ‘अकर्मण्यता’ में ‘अ’ उपसर्ग एवं ‘ता’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इसमें ‘कर्मण्य’ मूल शब्द है।
उपसर्ग:– उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है, जैसे- ‘भ्रमण’ शब्द में ‘परि’ उपसर्ग लगने से ‘परिभ्रमण’ शब्द बना।
प्रत्यय :– शब्द के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है, उसे ‘प्रत्यय’ कहते हैं। जैसे- ‘भला’ शब्द में ‘आई’ प्रत्यय लगने से ‘भलाई’ शब्द बना।
A. उपर्युक्त अनुच्छेद में दिये गये शब्द ‘अकर्मण्यता’ में ‘अ’ उपसर्ग एवं ‘ता’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इसमें ‘कर्मण्य’ मूल शब्द है।
उपसर्ग:– उपसर्ग उस शब्दांश या अव्यय को कहते हैं, जो किसी शब्द के पहले आकर उसका विशेष अर्थ प्रकट करता है, जैसे- ‘भ्रमण’ शब्द में ‘परि’ उपसर्ग लगने से ‘परिभ्रमण’ शब्द बना।
प्रत्यय :– शब्द के बाद जो अक्षर या अक्षर समूह लगाया जाता है, उसे ‘प्रत्यय’ कहते हैं। जैसे- ‘भला’ शब्द में ‘आई’ प्रत्यय लगने से ‘भलाई’ शब्द बना।