Correct Answer:
Option C - निम्न में से ‘काजल’ तद्भव शब्द है। हिन्दी की मूल प्रकृति तद्भवपरक है। ये शब्द सीधे संस्कृत से न आकर प्राकृत, पालि और अपभ्रंश से होते हुए हिन्दी में आये हैं। तद्भव-शब्द का अर्थ ही है - ‘उससे उत्पन्न।’ यहाँ उससे का तात्पर्य केवल संस्कृत शब्दों से ही नहीं वरन् अन्य आर्य भाषाओं के शब्दों से भी हैं।
C. निम्न में से ‘काजल’ तद्भव शब्द है। हिन्दी की मूल प्रकृति तद्भवपरक है। ये शब्द सीधे संस्कृत से न आकर प्राकृत, पालि और अपभ्रंश से होते हुए हिन्दी में आये हैं। तद्भव-शब्द का अर्थ ही है - ‘उससे उत्पन्न।’ यहाँ उससे का तात्पर्य केवल संस्कृत शब्दों से ही नहीं वरन् अन्य आर्य भाषाओं के शब्दों से भी हैं।