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Q: निम्न में से किसने राज्य को एक साध्य के साधन के रूप में नहीं बल्कि स्वत: साध्य के रूप में माना है?
  • A. जनतंत्रवादी
  • B. तानाशाह
  • C. उदारवादी
  • D. धार्मिक प्रमुख
Correct Answer: Option B - तानाशाह राज्य को एक साध्य के साधन के रूप में नहीं बल्कि स्वत: साध्य के रूप में माना है। तानाशाही या अधिनायक-वादी उस शासन प्रणाली को कहते हैं जिसमें कोई व्यक्ति विद्यमान नियमों की अनदेखी करते हुए डंडे के बल से शासन करता है। तानाशाही शासन में शासक स्वयं को ही राज्य के रूप में स्थापित कर लेता है।
B. तानाशाह राज्य को एक साध्य के साधन के रूप में नहीं बल्कि स्वत: साध्य के रूप में माना है। तानाशाही या अधिनायक-वादी उस शासन प्रणाली को कहते हैं जिसमें कोई व्यक्ति विद्यमान नियमों की अनदेखी करते हुए डंडे के बल से शासन करता है। तानाशाही शासन में शासक स्वयं को ही राज्य के रूप में स्थापित कर लेता है।

Explanations:

तानाशाह राज्य को एक साध्य के साधन के रूप में नहीं बल्कि स्वत: साध्य के रूप में माना है। तानाशाही या अधिनायक-वादी उस शासन प्रणाली को कहते हैं जिसमें कोई व्यक्ति विद्यमान नियमों की अनदेखी करते हुए डंडे के बल से शासन करता है। तानाशाही शासन में शासक स्वयं को ही राज्य के रूप में स्थापित कर लेता है।