Correct Answer:
Option C - समाज के लिए गृह-विज्ञान का अध्ययन अति महत्वपूर्ण है क्योंकि गृह-विज्ञान की शिक्षा एक नारी को पूर्णता प्रदान करती है। दिन-प्रतिदिन के जीवन में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समाधान भी इसके ज्ञान द्वारा सम्भव है जिससे परिवार में सुख और संतोष की अनुभूति होती है।
सन् 1974 में होम साइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HSAI) 12 वें द्विवािर्षक अधिवेशन में डा़ राजमल देवदास ने अपने भाषण में गृह विज्ञान के सम्बन्ध में कहा था-
‘‘गृह-विज्ञान समुदाय एवं राष्ट्र के प्रत्येक पक्ष से सम्बन्धित है। गृह-विज्ञान मानवीय वातावरण, पारिवारिक पोषण, संसाधनों का व्यवस्थापन, बाल-विकास एवं उपभोक्ताओं की कुशलता में सुधार से सम्बद्ध ज्ञान को संश्लिष्ट एवं समेकित करने का कार्य करता है’’।
C. समाज के लिए गृह-विज्ञान का अध्ययन अति महत्वपूर्ण है क्योंकि गृह-विज्ञान की शिक्षा एक नारी को पूर्णता प्रदान करती है। दिन-प्रतिदिन के जीवन में उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समाधान भी इसके ज्ञान द्वारा सम्भव है जिससे परिवार में सुख और संतोष की अनुभूति होती है।
सन् 1974 में होम साइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HSAI) 12 वें द्विवािर्षक अधिवेशन में डा़ राजमल देवदास ने अपने भाषण में गृह विज्ञान के सम्बन्ध में कहा था-
‘‘गृह-विज्ञान समुदाय एवं राष्ट्र के प्रत्येक पक्ष से सम्बन्धित है। गृह-विज्ञान मानवीय वातावरण, पारिवारिक पोषण, संसाधनों का व्यवस्थापन, बाल-विकास एवं उपभोक्ताओं की कुशलता में सुधार से सम्बद्ध ज्ञान को संश्लिष्ट एवं समेकित करने का कार्य करता है’’।