Correct Answer:
Option C - लैंगिक समता का तात्पर्य लिंग के आधार पर स्त्री-पुरुष में किसी प्रकार का पक्षपातपूर्ण व्यवहार न करना। स्त्री-पुरुष में पक्षपात पूर्ण व्यवहार लैंगिक समता की भावना के विपरीत होती है। लैंगिक समता में किसी भी पक्ष का वर्चस्व दूसरे पक्ष पर नहीं करते हैं।
C. लैंगिक समता का तात्पर्य लिंग के आधार पर स्त्री-पुरुष में किसी प्रकार का पक्षपातपूर्ण व्यवहार न करना। स्त्री-पुरुष में पक्षपात पूर्ण व्यवहार लैंगिक समता की भावना के विपरीत होती है। लैंगिक समता में किसी भी पक्ष का वर्चस्व दूसरे पक्ष पर नहीं करते हैं।