Correct Answer:
Option B - किसी कारक के ह्रासमान प्रतिफल के नियम के अनुसार अल्पकाल में यदि उत्पादन के अन्य सभी साधनों को सतत रखते हुए केवल एक परवर्ती कारक को बढ़ाते जाते है, तो पहले प्रतिफल बढ़ता है फिर यह घटने लगता है और अन्त में यह ऋणात्मक हो जाता है।
ह्रासमान सीमांत उपयोगिता नियम यह है, कि जैसे-जैसे कोई उपभोक्ता किसी वस्तु का अधिकाधिक उपयोग करता है, वैसे-वैसे उस वस्तु में उपलब्ध सीमांत उपयोगिता गिरती चली जाती है।
तकनीकि प्रतिस्थापन की सीमान्त दर - यह एक आर्थिक सिद्धान्त है, जो उस दर को दिखाता है, जिस पर एक कारक घटाना चाहिए ताकि अन्य कारक बढ़ने पर उत्पादकता का समान स्तर बनाए रखा जा सके।
B. किसी कारक के ह्रासमान प्रतिफल के नियम के अनुसार अल्पकाल में यदि उत्पादन के अन्य सभी साधनों को सतत रखते हुए केवल एक परवर्ती कारक को बढ़ाते जाते है, तो पहले प्रतिफल बढ़ता है फिर यह घटने लगता है और अन्त में यह ऋणात्मक हो जाता है।
ह्रासमान सीमांत उपयोगिता नियम यह है, कि जैसे-जैसे कोई उपभोक्ता किसी वस्तु का अधिकाधिक उपयोग करता है, वैसे-वैसे उस वस्तु में उपलब्ध सीमांत उपयोगिता गिरती चली जाती है।
तकनीकि प्रतिस्थापन की सीमान्त दर - यह एक आर्थिक सिद्धान्त है, जो उस दर को दिखाता है, जिस पर एक कारक घटाना चाहिए ताकि अन्य कारक बढ़ने पर उत्पादकता का समान स्तर बनाए रखा जा सके।