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Q: निम्न में से कौन-सी नदी कोसी की सहायक नदी नहीं है?
  • A. बूढ़ी गंडक
  • B. दूधकोशी
  • C. तमाकोशी
  • D. इंद्रावती
Correct Answer: Option A - बूढ़ी गंडक कोसी नदी की सहायक नदी नहीं है। कोसी नदी गंगा के बाएं तट से मिलने वाली एक पूर्ववर्ती नदी है, जिसका उद्गम नेपाल में सात धाराओं के मिलने से होता है। इसकी मुख्य धारा अरुण है जो हिमालय के उत्तर में तिब्बत के ‘गोसाईंथान चोटी’ से निकलती है। यह बिहार में भीम नगर के रास्ते से भारत में दाखिल होती है और काढ़ागाला (कुरसेला) नामक स्थान पर गंगा से मिल जाती है। इसमें आने वाली बाढ़ से बिहार में बहुत तबाही होती है, मार्ग परिवर्तन के कारण ‘बिहार का शोक कहा जाता है। कोसी की निम्न सहायक नदियाँ है- अरुण, सुनकोसी ताम्रकोसी, दूधकोशी, तमाकोशी, इन्द्रावती आदि।
A. बूढ़ी गंडक कोसी नदी की सहायक नदी नहीं है। कोसी नदी गंगा के बाएं तट से मिलने वाली एक पूर्ववर्ती नदी है, जिसका उद्गम नेपाल में सात धाराओं के मिलने से होता है। इसकी मुख्य धारा अरुण है जो हिमालय के उत्तर में तिब्बत के ‘गोसाईंथान चोटी’ से निकलती है। यह बिहार में भीम नगर के रास्ते से भारत में दाखिल होती है और काढ़ागाला (कुरसेला) नामक स्थान पर गंगा से मिल जाती है। इसमें आने वाली बाढ़ से बिहार में बहुत तबाही होती है, मार्ग परिवर्तन के कारण ‘बिहार का शोक कहा जाता है। कोसी की निम्न सहायक नदियाँ है- अरुण, सुनकोसी ताम्रकोसी, दूधकोशी, तमाकोशी, इन्द्रावती आदि।

Explanations:

बूढ़ी गंडक कोसी नदी की सहायक नदी नहीं है। कोसी नदी गंगा के बाएं तट से मिलने वाली एक पूर्ववर्ती नदी है, जिसका उद्गम नेपाल में सात धाराओं के मिलने से होता है। इसकी मुख्य धारा अरुण है जो हिमालय के उत्तर में तिब्बत के ‘गोसाईंथान चोटी’ से निकलती है। यह बिहार में भीम नगर के रास्ते से भारत में दाखिल होती है और काढ़ागाला (कुरसेला) नामक स्थान पर गंगा से मिल जाती है। इसमें आने वाली बाढ़ से बिहार में बहुत तबाही होती है, मार्ग परिवर्तन के कारण ‘बिहार का शोक कहा जाता है। कोसी की निम्न सहायक नदियाँ है- अरुण, सुनकोसी ताम्रकोसी, दूधकोशी, तमाकोशी, इन्द्रावती आदि।