Correct Answer:
Option B - सीखने की मात्रा तथा समय (अथवा प्रयास) के परस्पर सम्बन्ध को चित्रांकित करने पर जो वक्र रेखा प्राप्त होती है उसे अधिगम वक्र रेखा कहा जाता है। अधिगम वक्रो में कभी-कभी देखा जाता है कि अधिगम वक्र का कुछ भाग अत्यन्त कम उन्नति को प्रदर्शित करता है। नगण्य उन्नति को प्रदर्शित करने वाले इस प्रकार के भाग अधिगम के पठार कहलाते हैं
अधिगम पठार बनने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे- अधिगमकर्ता की आवश्यकता, ध्यान, रूचि, उत्साह, वातावरणीय व्यवधान, थकान, मनोशारीरिक सीमा, ज्ञान की सीमा आदि।
B. सीखने की मात्रा तथा समय (अथवा प्रयास) के परस्पर सम्बन्ध को चित्रांकित करने पर जो वक्र रेखा प्राप्त होती है उसे अधिगम वक्र रेखा कहा जाता है। अधिगम वक्रो में कभी-कभी देखा जाता है कि अधिगम वक्र का कुछ भाग अत्यन्त कम उन्नति को प्रदर्शित करता है। नगण्य उन्नति को प्रदर्शित करने वाले इस प्रकार के भाग अधिगम के पठार कहलाते हैं
अधिगम पठार बनने के कई कारण हो सकते हैं। जैसे- अधिगमकर्ता की आवश्यकता, ध्यान, रूचि, उत्साह, वातावरणीय व्यवधान, थकान, मनोशारीरिक सीमा, ज्ञान की सीमा आदि।