Correct Answer:
Option D - भारत में मध्ययुग के दौरान विकसित हुई वास्तु कला की नागर, द्रविड़, और बेसर शैलियाँ मन्दिरो के निर्माण से संबंधित थी। नागर शैली संरचनात्मक स्थापत्य की एक शैली है, जो हिमालय से लेकर विध्यं पर्वत तक के क्षेत्रों में प्रचलित थी। कृष्णा नदी से लेकर कन्याकुमारी तक द्रविड़ शैली के मन्दिर पाए जातें हैं। नागर और द्रविड़ शैलियों के मिले-जुले रूप को बेसर शैली कहते हैं। इस शैली के मन्दिर विंध्याचल पर्वत से लेकर कृष्णा नदी तक पाए जातें हैं।
D. भारत में मध्ययुग के दौरान विकसित हुई वास्तु कला की नागर, द्रविड़, और बेसर शैलियाँ मन्दिरो के निर्माण से संबंधित थी। नागर शैली संरचनात्मक स्थापत्य की एक शैली है, जो हिमालय से लेकर विध्यं पर्वत तक के क्षेत्रों में प्रचलित थी। कृष्णा नदी से लेकर कन्याकुमारी तक द्रविड़ शैली के मन्दिर पाए जातें हैं। नागर और द्रविड़ शैलियों के मिले-जुले रूप को बेसर शैली कहते हैं। इस शैली के मन्दिर विंध्याचल पर्वत से लेकर कृष्णा नदी तक पाए जातें हैं।