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Q: नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है। कथन (A) : बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना वारेन हेस्टिंग्स के काल में हुई थी और उसने सर विलियम जोन्स के पक्ष में उक्त विद्वत संस्था की अध्यक्षता का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था। कारण (R) : वारेन हेस्टिंग्स स्वयं एक उद्भट विद्वान तथा प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक था जो संस्कृत, फारसी व अरबी के अध्ययन को प्रोत्साहित करता था। नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: कूट :
  • A. (A) तथा (R) दोनों सही हैं और (R) कथन (A) की सही व्याख्या है
  • B. (A) और (R) दोनों सही हैं किन्तु (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
  • C. (A) सही है किन्तु (R) गलत है
  • D. (A) गलत है किन्तु (R) सही है
Correct Answer: Option B - बंगाल में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना गवर्नर जनरल वारेन हेंस्टिंग्स के कार्यकाल में 1784 ई. में सर विलियम जोंस ने की थी। हेस्टिंग्स ने विलियम जोंंस के पक्ष में संस्था की अध्यक्षता के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। वारेन हेस्टिंग्स (1772 - 1785 ई.) बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल था। वह एक प्राच्य विद्वान था, जो प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक तथा संस्कृत, उर्दू और फारसी के अध्ययन को प्रोत्साहित किया था। कथन (A) और कारण (R) दोनों सही है परन्तु कारण (R), कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है, क्योंकि वारेन हेस्टिंग्स विलियम जोन्स की योग्यता एवं विद्वता का सम्मान करता था।
B. बंगाल में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना गवर्नर जनरल वारेन हेंस्टिंग्स के कार्यकाल में 1784 ई. में सर विलियम जोंस ने की थी। हेस्टिंग्स ने विलियम जोंंस के पक्ष में संस्था की अध्यक्षता के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। वारेन हेस्टिंग्स (1772 - 1785 ई.) बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल था। वह एक प्राच्य विद्वान था, जो प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक तथा संस्कृत, उर्दू और फारसी के अध्ययन को प्रोत्साहित किया था। कथन (A) और कारण (R) दोनों सही है परन्तु कारण (R), कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है, क्योंकि वारेन हेस्टिंग्स विलियम जोन्स की योग्यता एवं विद्वता का सम्मान करता था।

Explanations:

बंगाल में एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना गवर्नर जनरल वारेन हेंस्टिंग्स के कार्यकाल में 1784 ई. में सर विलियम जोंस ने की थी। हेस्टिंग्स ने विलियम जोंंस के पक्ष में संस्था की अध्यक्षता के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। वारेन हेस्टिंग्स (1772 - 1785 ई.) बंगाल का प्रथम गवर्नर जनरल था। वह एक प्राच्य विद्वान था, जो प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक तथा संस्कृत, उर्दू और फारसी के अध्ययन को प्रोत्साहित किया था। कथन (A) और कारण (R) दोनों सही है परन्तु कारण (R), कथन (A) की व्याख्या नहीं करता है, क्योंकि वारेन हेस्टिंग्स विलियम जोन्स की योग्यता एवं विद्वता का सम्मान करता था।