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Q: नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है: अभिकथन (A): भारतीय प्रश्नों पर विवेचना के लिए दादाभाई नौरोजी ने 1866 में लंदन में ईस्ट इण्डिया एसोसिएशन का गठन किया। कारण (R):वह ब्रिटिश जनमानस को प्रभावित करना चाहते थे नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए:
  • A. (A) सही है किन्तु (R) गलत है
  • B. (A) गलत है किन्तु (R) सही है
  • C. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
  • D. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
Correct Answer: Option C - वर्ष 1866 में दादाभाई नौरोजी ने लंदन में ईस्ट इण्डिया एसोसिएशन का गठन किया जिसका प्रमुख उद्देश्य भारत के लोगों की समस्याओं पर विचार-विमर्श करना और इससे ब्रिटिश जनता का मत प्रभावित करना था, ताकि ब्रिटिश लोग भारतीय समस्याओं, उनके कष्टों से परिचित हो सवेंâ और भारतवासियों के पक्ष में इंग्लैण्ड में समर्थन प्राप्त हो सकें ।
C. वर्ष 1866 में दादाभाई नौरोजी ने लंदन में ईस्ट इण्डिया एसोसिएशन का गठन किया जिसका प्रमुख उद्देश्य भारत के लोगों की समस्याओं पर विचार-विमर्श करना और इससे ब्रिटिश जनता का मत प्रभावित करना था, ताकि ब्रिटिश लोग भारतीय समस्याओं, उनके कष्टों से परिचित हो सवेंâ और भारतवासियों के पक्ष में इंग्लैण्ड में समर्थन प्राप्त हो सकें ।

Explanations:

वर्ष 1866 में दादाभाई नौरोजी ने लंदन में ईस्ट इण्डिया एसोसिएशन का गठन किया जिसका प्रमुख उद्देश्य भारत के लोगों की समस्याओं पर विचार-विमर्श करना और इससे ब्रिटिश जनता का मत प्रभावित करना था, ताकि ब्रिटिश लोग भारतीय समस्याओं, उनके कष्टों से परिचित हो सवेंâ और भारतवासियों के पक्ष में इंग्लैण्ड में समर्थन प्राप्त हो सकें ।