Correct Answer:
Option D - ‘‘जो विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, वे महसूस करते हैं कि वे ‘‘पर्याप्त रूप से अच्छे’’ नहीं हैं और हतोत्साहित महसूस करते हैं। तब उनमें बिना प्रयास के कार्य को आसानी से छोड़ देने की संभावना है।’’ यह उक्ति इस सिद्धान्त को प्रदर्शित करती है कि संज्ञान एवं संवेग अलग नहीं हैं। संवेग और संज्ञान में नकारात्मक सहसम्बन्ध होता है। सांवेगिक दशा में व्यक्ति की विचार प्रक्रिया या तो शिथिल हो जाती है अथवा लुप्तप्राय हो जाती है। बुद्धि तथा विवेक एवं चिंतन तथा तर्क प्रक्रिया का उसके व्यवहार पर पूर्ण नियंत्रण नहीं रहता है। यही कारण है कि व्यक्ति उच्च सांवेगिक दशा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है।
D. ‘‘जो विद्यार्थी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, वे महसूस करते हैं कि वे ‘‘पर्याप्त रूप से अच्छे’’ नहीं हैं और हतोत्साहित महसूस करते हैं। तब उनमें बिना प्रयास के कार्य को आसानी से छोड़ देने की संभावना है।’’ यह उक्ति इस सिद्धान्त को प्रदर्शित करती है कि संज्ञान एवं संवेग अलग नहीं हैं। संवेग और संज्ञान में नकारात्मक सहसम्बन्ध होता है। सांवेगिक दशा में व्यक्ति की विचार प्रक्रिया या तो शिथिल हो जाती है अथवा लुप्तप्राय हो जाती है। बुद्धि तथा विवेक एवं चिंतन तथा तर्क प्रक्रिया का उसके व्यवहार पर पूर्ण नियंत्रण नहीं रहता है। यही कारण है कि व्यक्ति उच्च सांवेगिक दशा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता है।