Correct Answer:
Option B - श्री मान 'X' टी.सी.एस. के विपणन प्रबन्धक है, इस प्रकार से वे मध्य स्तर के प्रबन्धक की श्रेणी में आते हैं।
प्रत्येक उद्यम में कार्यरत लोगों को पदानुसार एक सोपान या उत्क्रम (Hierarchy) में रखा जाता है जो उनमें वरिष्ठता या कनिष्ठता के सम्बन्ध को दर्शाता है। प्रबन्धकों को तीन स्तरों में बांटा जाता है -
I. शीर्ष स्तरीय प्रबन्ध (Top Level Management)- इसमें सर्वोच्च स्तर के प्रबन्ध जैसे अध्यक्ष चेयनमैन निदेशक मण्डल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और उद्यम के स्वामी आते है।
II. मध्यम स्तरीय प्रबन्धक (Middle Level Management)- इनमें महाप्रबन्धक, शाखा प्रबन्धक, विभागीय प्रबन्धक, प्रभागीय प्रधान, कार्य प्रबन्धक, विपणन प्रबन्धक, उत्पादन प्रबन्धक सम्मिलित किए जाते है।
III. पर्यवेक्षीय प्रबन्धक या निम्न स्तरीय प्रबन्धक (Supervisory Management or Lower Level Management)- इस वर्ग में पर्यवेक्षक अधीक्षक, फोरमैन, अनुभागीय अधिकारी तथा प्रथम स्तर के पर्यवेक्षक आते है। इस स्तर को प्रचालन स्तर प्रबन्ध (Operating Level Management) भी कहते है।
B. श्री मान 'X' टी.सी.एस. के विपणन प्रबन्धक है, इस प्रकार से वे मध्य स्तर के प्रबन्धक की श्रेणी में आते हैं।
प्रत्येक उद्यम में कार्यरत लोगों को पदानुसार एक सोपान या उत्क्रम (Hierarchy) में रखा जाता है जो उनमें वरिष्ठता या कनिष्ठता के सम्बन्ध को दर्शाता है। प्रबन्धकों को तीन स्तरों में बांटा जाता है -
I. शीर्ष स्तरीय प्रबन्ध (Top Level Management)- इसमें सर्वोच्च स्तर के प्रबन्ध जैसे अध्यक्ष चेयनमैन निदेशक मण्डल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और उद्यम के स्वामी आते है।
II. मध्यम स्तरीय प्रबन्धक (Middle Level Management)- इनमें महाप्रबन्धक, शाखा प्रबन्धक, विभागीय प्रबन्धक, प्रभागीय प्रधान, कार्य प्रबन्धक, विपणन प्रबन्धक, उत्पादन प्रबन्धक सम्मिलित किए जाते है।
III. पर्यवेक्षीय प्रबन्धक या निम्न स्तरीय प्रबन्धक (Supervisory Management or Lower Level Management)- इस वर्ग में पर्यवेक्षक अधीक्षक, फोरमैन, अनुभागीय अधिकारी तथा प्रथम स्तर के पर्यवेक्षक आते है। इस स्तर को प्रचालन स्तर प्रबन्ध (Operating Level Management) भी कहते है।