Correct Answer:
Option B - चौरी-चौरा घटना के कारण, मोहनदास करमचंद गाँधी ने 1922 में असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया। चौरी-चौरा, उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास का एक कस्बा (वर्तमान में तहसील है) था जहाँ 5 फरवरी, 1922 को कुछ आन्दोलनकारी भारतीयों ने ब्रिटिश सरकार की एक पुलिस चौकी को आग लगा दी थी, जिसमें 22 पुलिस कर्मचारी जिन्दा जल गए थे। इस घटना से आहत होकर गाँधी जी ने असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया।
B. चौरी-चौरा घटना के कारण, मोहनदास करमचंद गाँधी ने 1922 में असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया। चौरी-चौरा, उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के पास का एक कस्बा (वर्तमान में तहसील है) था जहाँ 5 फरवरी, 1922 को कुछ आन्दोलनकारी भारतीयों ने ब्रिटिश सरकार की एक पुलिस चौकी को आग लगा दी थी, जिसमें 22 पुलिस कर्मचारी जिन्दा जल गए थे। इस घटना से आहत होकर गाँधी जी ने असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया।