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Q: Mode of transmission of Pertussis : पर्टुसिस के संचरण का तरीका :
  • A. Vector transmission/वेक्टर ट्रांसमिशन
  • B. Through contaminated water दूषित पानी के माध्यम से
  • C. Droplet infection/बूॅदों का संक्रमण
  • D. /Faecoaral/फेकोरल
Correct Answer: Option C - काली खॉसी (Pertussis) का संचरण खांसते या छींकते समय हवा के साथ निकलने वाली छोटी-छोटी बूँदों से होता है। काली खॉसी जीवाणु का संक्रमण होता है, जो कि आरंभ में नाक और गला को प्रभावित करता है। खॉसी प्राय: दो वर्ष से कम आयु के बच्चों की श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है। काली खॉसी बोर्डेटेला पर्टुसिस नामक जीवाणु के कारण होती है। काली खॉसी की रोकथाम के लिए DPT का टीका दिया जाता है।
C. काली खॉसी (Pertussis) का संचरण खांसते या छींकते समय हवा के साथ निकलने वाली छोटी-छोटी बूँदों से होता है। काली खॉसी जीवाणु का संक्रमण होता है, जो कि आरंभ में नाक और गला को प्रभावित करता है। खॉसी प्राय: दो वर्ष से कम आयु के बच्चों की श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है। काली खॉसी बोर्डेटेला पर्टुसिस नामक जीवाणु के कारण होती है। काली खॉसी की रोकथाम के लिए DPT का टीका दिया जाता है।

Explanations:

काली खॉसी (Pertussis) का संचरण खांसते या छींकते समय हवा के साथ निकलने वाली छोटी-छोटी बूँदों से होता है। काली खॉसी जीवाणु का संक्रमण होता है, जो कि आरंभ में नाक और गला को प्रभावित करता है। खॉसी प्राय: दो वर्ष से कम आयु के बच्चों की श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है। काली खॉसी बोर्डेटेला पर्टुसिस नामक जीवाणु के कारण होती है। काली खॉसी की रोकथाम के लिए DPT का टीका दिया जाता है।