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Q: Maturity refers to a state in which an individual is completed developed in which of the follwoing aspects ? परिपक्वता एक ऐसी स्थिति को संदर्भिता करती है जिसमें एक व्यक्ति निम्नलिखित में से किस पहलू में विकसित होता है? I. Spiritually I.आध्यात्मिक रूप से II. Socially II. सामाजिक रूप से III. Emotionally III.. भावनात्मक रूप से
  • A. I and II/I तथा II
  • B. II and III/II तथा III
  • C. I, II and III/I, II तथा III
  • D. Only I/केवल I
Correct Answer: Option C - जीवन का वह पहलू जो व्यक्ति के वंशानुगत विशेषता को स्वाभाविक रूप से गुणात्मक और मात्रात्मक परिवर्तन को दिखाता है उसे ‘परिपक्वता’ कहा जाता है। यह व्यक्ति के अध्यात्मिक, सामाजिक व भावात्मक रूप को संदर्भित करता है। यह एक विकासात्मक प्रक्रिया है जो व्यक्ति के निहित लक्षणों या क्षमताओं को उजागर करने को सन्दर्भित करती है। व्यवहार परिवर्तन की यह एक प्रक्रिया है जो जरूरी नहीं कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हो, लेकिन पूरे जीवनकाल में व्यक्तियों को बढ़ने और विकसित होने से होती है। यह किसी व्यक्ति के अंतर्निहित लक्षणों या क्षमता के प्रकटीकरण को संदर्भित करती है। यह एक प्रक्रिया है जो व्यक्तियों को बदलने, बढ़ने और विकसित करने के रूप में जीवन भर होती है। अत: I, II तथा III तीनों सही है।
C. जीवन का वह पहलू जो व्यक्ति के वंशानुगत विशेषता को स्वाभाविक रूप से गुणात्मक और मात्रात्मक परिवर्तन को दिखाता है उसे ‘परिपक्वता’ कहा जाता है। यह व्यक्ति के अध्यात्मिक, सामाजिक व भावात्मक रूप को संदर्भित करता है। यह एक विकासात्मक प्रक्रिया है जो व्यक्ति के निहित लक्षणों या क्षमताओं को उजागर करने को सन्दर्भित करती है। व्यवहार परिवर्तन की यह एक प्रक्रिया है जो जरूरी नहीं कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हो, लेकिन पूरे जीवनकाल में व्यक्तियों को बढ़ने और विकसित होने से होती है। यह किसी व्यक्ति के अंतर्निहित लक्षणों या क्षमता के प्रकटीकरण को संदर्भित करती है। यह एक प्रक्रिया है जो व्यक्तियों को बदलने, बढ़ने और विकसित करने के रूप में जीवन भर होती है। अत: I, II तथा III तीनों सही है।

Explanations:

जीवन का वह पहलू जो व्यक्ति के वंशानुगत विशेषता को स्वाभाविक रूप से गुणात्मक और मात्रात्मक परिवर्तन को दिखाता है उसे ‘परिपक्वता’ कहा जाता है। यह व्यक्ति के अध्यात्मिक, सामाजिक व भावात्मक रूप को संदर्भित करता है। यह एक विकासात्मक प्रक्रिया है जो व्यक्ति के निहित लक्षणों या क्षमताओं को उजागर करने को सन्दर्भित करती है। व्यवहार परिवर्तन की यह एक प्रक्रिया है जो जरूरी नहीं कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हो, लेकिन पूरे जीवनकाल में व्यक्तियों को बढ़ने और विकसित होने से होती है। यह किसी व्यक्ति के अंतर्निहित लक्षणों या क्षमता के प्रकटीकरण को संदर्भित करती है। यह एक प्रक्रिया है जो व्यक्तियों को बदलने, बढ़ने और विकसित करने के रूप में जीवन भर होती है। अत: I, II तथा III तीनों सही है।