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Q: माध्यमिक स्कूल में, बच्चों के सामाजीकरण में परिवार की भूमिका:
  • A. अनावश्यक हो जाती है।
  • B. आरंभिक बचपन की तुलना में कम हो जाती है।
  • C. आरंभिक बचपन की तुलना में बढ़ जाती है।
  • D. आरंभिक बचपन के जितनी ही रहती है।
Correct Answer: Option B - माध्यमिक स्कूल में, बच्चों के सामाजीकरण में परिवार की भूमिका आरंभिक बचपन की तुलना में कम हो जाती है। परिवार, बच्चों के सामाजीकरण में प्राथमिक भूमिका निभाता हैं बच्चा सर्वप्रथम परिवार के ही संपर्क में आता है इसलिए परिवार बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करता हैं प्राथमिक सामाजीकरण शैशवावस्था और पूर्व बाल्यावस्था में होता है अत: परिवार सामाजीकरण का प्राथमिक कारक है जबकि माध्यमिक स्वूâल के बच्चे बड़े हो जाते हैं और वे विद्यालय, धर्म और मीडिया आदि के भी सम्पर्वâ में आ जाते हैं इसलिए इस अवस्था में परिवार की भूमिका कम हो जाती है।
B. माध्यमिक स्कूल में, बच्चों के सामाजीकरण में परिवार की भूमिका आरंभिक बचपन की तुलना में कम हो जाती है। परिवार, बच्चों के सामाजीकरण में प्राथमिक भूमिका निभाता हैं बच्चा सर्वप्रथम परिवार के ही संपर्क में आता है इसलिए परिवार बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करता हैं प्राथमिक सामाजीकरण शैशवावस्था और पूर्व बाल्यावस्था में होता है अत: परिवार सामाजीकरण का प्राथमिक कारक है जबकि माध्यमिक स्वूâल के बच्चे बड़े हो जाते हैं और वे विद्यालय, धर्म और मीडिया आदि के भी सम्पर्वâ में आ जाते हैं इसलिए इस अवस्था में परिवार की भूमिका कम हो जाती है।

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माध्यमिक स्कूल में, बच्चों के सामाजीकरण में परिवार की भूमिका आरंभिक बचपन की तुलना में कम हो जाती है। परिवार, बच्चों के सामाजीकरण में प्राथमिक भूमिका निभाता हैं बच्चा सर्वप्रथम परिवार के ही संपर्क में आता है इसलिए परिवार बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करता हैं प्राथमिक सामाजीकरण शैशवावस्था और पूर्व बाल्यावस्था में होता है अत: परिवार सामाजीकरण का प्राथमिक कारक है जबकि माध्यमिक स्वूâल के बच्चे बड़े हो जाते हैं और वे विद्यालय, धर्म और मीडिया आदि के भी सम्पर्वâ में आ जाते हैं इसलिए इस अवस्था में परिवार की भूमिका कम हो जाती है।