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Q: ‘माधव हम परिनाम निरासा’ - यह काव्य पंक्ति किस कवि की है?
  • A. सुन्दरदास
  • B. विद्यापति
  • C. सूरदास
  • D. ‘रसखान’
Correct Answer: Option B - व्याख्या ‘माधव हम परिनाम निरासा’ काव्य पंक्ति आदिकालीन कवि विद्यापति की है। विद्यापति बिहार प्रान्त के दरभंगा जिले के ‘विपसी’ नामक गांव के निवासी थे। इनके गुरु का नाम पण्डित हरि मिश्र था। इनके द्वारा रचित ग्रंथ हैं कीर्तिलता, कीर्तिपताका (अवहट्ट) तथा पदावली (मैथिली) आदि। बच्चन सिंह ने इन्हें ‘जातीय कवि’ कहा है।
B. व्याख्या ‘माधव हम परिनाम निरासा’ काव्य पंक्ति आदिकालीन कवि विद्यापति की है। विद्यापति बिहार प्रान्त के दरभंगा जिले के ‘विपसी’ नामक गांव के निवासी थे। इनके गुरु का नाम पण्डित हरि मिश्र था। इनके द्वारा रचित ग्रंथ हैं कीर्तिलता, कीर्तिपताका (अवहट्ट) तथा पदावली (मैथिली) आदि। बच्चन सिंह ने इन्हें ‘जातीय कवि’ कहा है।

Explanations:

व्याख्या ‘माधव हम परिनाम निरासा’ काव्य पंक्ति आदिकालीन कवि विद्यापति की है। विद्यापति बिहार प्रान्त के दरभंगा जिले के ‘विपसी’ नामक गांव के निवासी थे। इनके गुरु का नाम पण्डित हरि मिश्र था। इनके द्वारा रचित ग्रंथ हैं कीर्तिलता, कीर्तिपताका (अवहट्ट) तथा पदावली (मैथिली) आदि। बच्चन सिंह ने इन्हें ‘जातीय कवि’ कहा है।