search
Q: ‘मोेदोत्सव:’ इत्यत्र सन्धिविच्छेद: करणीय: सन्धेर्नामापि कथयितव्यम् ।
question image
  • A. मोद् + ओत्सव: (विसर्गसन्धि:)
  • B. मोद: + उत्सव: (विसर्गसन्धि:)
  • C. मोद + उत्सव: (गुणसन्धि:)
  • D. मोद + ओत्सव: (गुणसन्धि:)
Correct Answer: Option C - ‘मोदोत्सव:’ इत्यत्र सन्धिविच्छेद: करणीय: सन्धेर्नामापि कथयितव्यम् – मोद + उत्सव: · गुणसन्धि अर्थात् ‘मोदोत्सव:’ इसका सन्धि विच्छेद मोद + उत्सव: तथा सन्धि नाम गुण सन्धि होगा। गुण सन्धि सूत्र · आदगुण: यदि अ/आ के बाद इ/ई, उ/ऊ, ऋ/ऋृ तथा ऌ आवे तो उन दोनों के स्थान पर एक आदेश हो जाता था जो गुण सन्धि कहलाता है। गुण सन्धि के उदाहरण – उप + इन्द्र: · उपेन्द्र: गङ्गा + उदकम् · गङ्गोदकम् तव + ऌकार: · तवल्कार:
C. ‘मोदोत्सव:’ इत्यत्र सन्धिविच्छेद: करणीय: सन्धेर्नामापि कथयितव्यम् – मोद + उत्सव: · गुणसन्धि अर्थात् ‘मोदोत्सव:’ इसका सन्धि विच्छेद मोद + उत्सव: तथा सन्धि नाम गुण सन्धि होगा। गुण सन्धि सूत्र · आदगुण: यदि अ/आ के बाद इ/ई, उ/ऊ, ऋ/ऋृ तथा ऌ आवे तो उन दोनों के स्थान पर एक आदेश हो जाता था जो गुण सन्धि कहलाता है। गुण सन्धि के उदाहरण – उप + इन्द्र: · उपेन्द्र: गङ्गा + उदकम् · गङ्गोदकम् तव + ऌकार: · तवल्कार:

Explanations:

‘मोदोत्सव:’ इत्यत्र सन्धिविच्छेद: करणीय: सन्धेर्नामापि कथयितव्यम् – मोद + उत्सव: · गुणसन्धि अर्थात् ‘मोदोत्सव:’ इसका सन्धि विच्छेद मोद + उत्सव: तथा सन्धि नाम गुण सन्धि होगा। गुण सन्धि सूत्र · आदगुण: यदि अ/आ के बाद इ/ई, उ/ऊ, ऋ/ऋृ तथा ऌ आवे तो उन दोनों के स्थान पर एक आदेश हो जाता था जो गुण सन्धि कहलाता है। गुण सन्धि के उदाहरण – उप + इन्द्र: · उपेन्द्र: गङ्गा + उदकम् · गङ्गोदकम् तव + ऌकार: · तवल्कार: