Correct Answer:
Option A - मैत्री `यत्र विश्वास: न वर्तते' तत्र न भवितुम् अर्हति।
विश्वासो हि ययोर्मध्ये ततोर्मध्येऽस्ति सौहृदम्।
यस्मिन्नैवास्ति विश्वास: तस्मिन् मैत्री क्व सम्भवा।।
क्योंकि विश्वास करने वालों के बीच ही मित्रता होता है, जिस पर भरोसा नहीं उसमें दोस्ती कहाँ मुमकिन है।
A. मैत्री `यत्र विश्वास: न वर्तते' तत्र न भवितुम् अर्हति।
विश्वासो हि ययोर्मध्ये ततोर्मध्येऽस्ति सौहृदम्।
यस्मिन्नैवास्ति विश्वास: तस्मिन् मैत्री क्व सम्भवा।।
क्योंकि विश्वास करने वालों के बीच ही मित्रता होता है, जिस पर भरोसा नहीं उसमें दोस्ती कहाँ मुमकिन है।