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Q: `मातु: स्मरति' रेखाङ्कित पद में कौन सी विभक्ति है?
  • A. पञ्चमी विभक्ति
  • B. चतुर्थी विभक्ति
  • C. तृतीया विभक्ति
  • D. षष्ठी विभक्ति
Correct Answer: Option D - `मातु: स्मरति' में रेखाङ्कित पद `मातु:' में `अधीगर्थदयेशां कर्मणि' सूत्र से षष्ठी विभक्ति हुई है। इस सूत्र का अर्थ है – अधिपूर्वक `इ' धातु (स्मरण करना), दय् (दया करना), ईश् (समर्थ होना) तथा ऐसा ही अर्थ वाली अन्य धातुओं के कर्म में षष्ठी विभक्ति होती है।
D. `मातु: स्मरति' में रेखाङ्कित पद `मातु:' में `अधीगर्थदयेशां कर्मणि' सूत्र से षष्ठी विभक्ति हुई है। इस सूत्र का अर्थ है – अधिपूर्वक `इ' धातु (स्मरण करना), दय् (दया करना), ईश् (समर्थ होना) तथा ऐसा ही अर्थ वाली अन्य धातुओं के कर्म में षष्ठी विभक्ति होती है।

Explanations:

`मातु: स्मरति' में रेखाङ्कित पद `मातु:' में `अधीगर्थदयेशां कर्मणि' सूत्र से षष्ठी विभक्ति हुई है। इस सूत्र का अर्थ है – अधिपूर्वक `इ' धातु (स्मरण करना), दय् (दया करना), ईश् (समर्थ होना) तथा ऐसा ही अर्थ वाली अन्य धातुओं के कर्म में षष्ठी विभक्ति होती है।